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छत्तीसगढ़ में 5 साल में हाथी के हमलों में 330 मौतें

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11 जुल. 2026, 02:14 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

हाथी का हमला
हाथी का हमला

रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ता संघर्ष अब एक बड़े संकट का रूप ले चुका है. वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में राज्य के भीतर हाथियों के हमलों में 330 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसी कड़ी में शनिवार सुबह रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में दो अलग-अलग दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आईं, जहां जंगली हाथियों के हमले में एक महिला और एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई. 


इन ताज़ा मौतों के साथ ही राज्य में महज एक हफ्ते के भीतर हाथी के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या तीन पहुंच गई है.

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ताजा घटनाओं ने प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है. पहली घटना कापू वन परिक्षेत्र के तालगांव की है, जहां सुबह एक जंगली हाथी के अचानक गांव में घुसने से अफरा-तफरी मच गई. इसी दौरान अपनी जान बचाने के लिए घर से बाहर भागी 37 वर्षीय शकुंतला बाई पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी मासूम बेटी इस हमले में बाल-बाल बच गई. 


वहीं, दूसरी घटना छाल वन परिक्षेत्र के औरनारा गांव में हुई, जहां सुबह करीब 5 बजे 50 वर्षीय मजदूर बंधन सिंह अगरिया जब अपने घर से बाहर निकले, तो हाथी ने उन्हें कुचल दिया.


छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाके, विशेषकर रायगढ़ और कोरबा जिलों का धरमजयगढ़ क्षेत्र, पिछले एक दशक से भी अधिक समय से मानव-हाथी द्वंद्व का मुख्य केंद्र बना हुआ है. अब यह संकट राज्य के मध्य क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रहा है. 


इस हफ्ते की शुरुआत में 9 जुलाई को भी कोरबा जिले में एक 55 वर्षीय व्यक्ति को हाथी ने तब कुचल कर मार डाला था, जब वह जंगल में मशरूम इकट्ठा करने गया था. इसके अलावा सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जैसे जिलों में भी हाथियों का दल लगातार बस्तियों और खेतों में दाखिल हो रहा है, जिससे न केवल इंसानी जानें जा रही हैं, बल्कि फसलों और मकानों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है.


घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी (DFO) जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता के रूप में 25-25 हजार रुपये की राशि दी गई है. 


सभी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों परिवारों को 5.75 लाख रुपये प्रति परिवार की दर से मुआवजा राशि जारी की जाएगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP