दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़ में मारा गया माओवादियों का बड़ा नेता
छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़ में मारा गया माओवादियों का बड़ा नेता
दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा-बीजापुर जिले की सरहद पर सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में माओवादियों के एक बड़े नेता समेत 3 माओवादी मारे गए हैं.
तीनों माओवादियों के शव के साथ एक इंसास राइफल, 303 राइफल, 12 बोर राइफल समेत अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है.
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. ने बताया कि अभी भी कुछ इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है.
सर्चिंग के बाद डिटेल में जानकारी दी जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि बस्तर रेंज में जवानों ने 2025 में अब तक मुठभेड़ में 100 से अधिक हार्डकोर माओवादियों को मारा है.
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा और बीजापुर के गीदम थाना क्षेत्र के ग्राम गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोड़गा और इकेली के सरहदी क्षेत्र में माओवादियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी है.
इसके बाद जवानों ने ऑपरेशन शुरू किया. दंतेवाड़ा डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम को कोर इलाके के लिए रवाना किया गया.
मंगलवार को सुबह 8 बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग शुरू हुई. दोनों ओर से काफी देर तक गोली बारी हुई.
मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान के दौरान मौके से 3 पुरुष माओवादियों के शव बरामद किए गए. तीनों माओवादियों की शिनाख्त हो चुकी है.
मारे गए माओवादियों में सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ सोनसाय भी शामिल है. सुधाकर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था.
उस पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था. वह 1999 से नक्सल संगठन में सक्रिय था. बाकी के दोनों माओवादियों में पण्डरू अतरा और मन्नू बारसा हैं.
दोनों बोड़गा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर के रहने वाले हैं. इन दोनों पर भी 2- 2 लाख रुपये का इनाम था. मुठभेड़ खत्म कर जवान वापस कैंप आ चुके हैं.