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200 सरकारी अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और अहम जानकारी दे रहे हैं

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13 अक्टू. 2026, 06:20 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

राहुल गांधी
राहुल गांधी

नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि सरकार के भीतर से ही लोग उन्हें जानकारियां मुहैया करा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की ओर आयोजित "दिल्ली चलो" मार्च से ठीक पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और विदेश मंत्रालय समेत विभिन्‍न सरकारी विभागों के लगभग 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें अंदर की खबरें दे रहे हैं.


राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में बीते कुछ दिनों से चल रहा जन आंदोलन अब व्यापक रूप ले रहा है. उन्होंने सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में 20,000 से 30,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसकी घबराहट को दर्शाती है. उनके अनुसार, विपक्ष यही चाहता है कि पुलिस सड़कों पर दिखे ताकि देश के सामने यह साफ हो सके कि सरकार चुनाव आयोग और उसके शीर्ष अधिकारियों को बचाने के लिए किस हद तक जा रही है.


पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ रहा असंतोष


कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के भीतर भी असंतोष की लहर है. पुलिसकर्मी खुद सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें युवाओं को रोकने का आदेश दिया जाता है, जबकि सत्ताधारी दल से जुड़े संगठनों के लोगों को छूट मिलती है.


उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल मन ही मन विपक्ष के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं. राहुल गांधी के मुताबिक, देश की जनता, पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और विपक्षी दल एक तरफ खड़े हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तिकड़ी दूसरी तरफ है. उन्होंने कहा कि पुलिस की लाठियां खाने के बावजूद विपक्ष पीछे नहीं हटेगा, क्योंकि सुरक्षा बल भी लगातार ड्यूटी से थक रहे हैं और उनके मन में भी सरकार की कार्यशैली को लेकर गहरे सवाल हैं.


मुख्य चुनाव आयुक्त को 'सरकारी गवाह' बनने की सलाह


सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जा रहे इस विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सीधी चेतावनी और सलाह दी. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता नहीं हैं, बल्कि उनसे गलती करवाई गई है. राहुल गांधी ने उन्हें पद से इस्तीफा देकर 'सरकारी गवाह' बनने का सुझाव दिया और कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो देशहित में उन्हें माफ करने पर विचार किया जा सकता है.


आंदोलन को बताया 'शिव का तांडव', रणनीति की जरूरत से इनकार


जब राहुल गांधी से पूछा गया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए उनके पास क्या योजना है, तो उन्होंने इसे किसी पूर्व-नियोजित रणनीति का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने इस राजनीतिक स्थिति की तुलना 'शिव के तांडव' और उनकी बारात से की, जिसमें हर वर्ग और विचारधारा के लोग शामिल हो सकते हैं.


उन्होंने बताया कि अचानक योजना बदलने और सीधे कदम उठाने से ही परिणाम हासिल होते हैं. राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे "वोट चोरी" के खिलाफ इस मुहिम में शामिल हों और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करें या फिर जहां भी हैं, वहीं से इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाएं. उन्होंने भाजपा के समर्थकों को भी संविधान की रक्षा के लिए इस आंदोलन से जुड़ने का न्योता दिया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP