रवि, 18 अक्टू. 2026

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मेटा पर 200 अरब डॉलर का मुकदमा: इंस्टाग्राम की लत और बच्चों का डेटा छिपाने का आरोप

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19 अग. 2026, 01:54 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

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ऑकलैंड (कैलिफोर्निया) । डेस्क: अमेरिका में सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी 'मेटा' (Meta) के खिलाफ एक बड़ा कानूनी युद्ध शुरू हो गया है. देश के 29 राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेटा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वकीलों का दावा है कि कंपनी ने अपनी ही आंतरिक रिसर्च (आंतरिक अध्ययनों) को दुनिया से छिपाया, जिसमें यह बात सामने आई थी कि इंस्टाग्राम युवाओं और किशोरों के लिए जानबूझकर अत्यधिक लत लगाने वाला बनाया गया है.


अदालत में मामले की शुरुआत करते हुए कैलिफोर्निया की डिप्टी अटॉर्नी जनरल मेगन ओ'नील ने जूरी से कहा कि मेटा को अपने फीचर्स से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों की पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया. 

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सुनवाई के दौरान राज्य के वकीलों ने कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला दिया. इनमें से एक दस्तावेज में लिखा था, "कम उम्र के यूजर्स सबसे बेहतर होते हैं", जबकि एक अन्य दस्तावेज में दर्ज था कि "अपनी भावनाओं को प्रभावित करने के बावजूद किशोर इससे चिपके हुए हैं, इंस्टाग्राम वास्तव में लत लगाने वाला है."


अक्टूबर 2023 में दायर 233 पन्नों की इस विस्तृत याचिका में केवल लत का मुद्दा ही नहीं, बल्कि डेटा गोपनीयता उल्लंघन का मामला भी शामिल है. याचिका के अनुसार, मेटा ने माता-पिता की सहमति के बिना 13 साल से कम उम्र के बच्चों का निजी डेटा इकट्ठा किया, जो कि अमेरिकी संघीय और राज्य कानूनों का सीधा उल्लंघन है. 


राज्यों का आरोप है कि मुनाफा कमाने की होड़ में मेटा ने इन नुकसानदेह फीचर्स को हटाने से साफ इनकार कर दिया.


यह हाई-प्रोफाइल मुकदमा अगले 6 से 8 सप्ताह तक चलने की संभावना है. यदि कोर्ट मेटा को दोषी पाता है, तो कंपनी पर 200 अरब डॉलर (लगभग 16.6 लाख करोड़ रुपये) तक का जुर्माना ठोका जा सकता है. इसके साथ ही, अदालत मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स के डिजाइन में बदलाव करने का आदेश दे सकती है ताकि उन्हें बच्चों के लिए सुरक्षित बनाया जा सके.


दूसरी ओर, मेटा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. कंपनी के वकील पॉल श्मिट ने दलील दी कि राज्यों द्वारा अदालत में पेश किए गए आंतरिक ईमेल और दस्तावेज पूरे सच को बयां नहीं करते. वकीलों ने इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बिना सही संदर्भ के और चुनिंदा तरीके से किया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP