2025 में 2,167 माओवादियों का आत्मसमर्पण, नक्सल हिंसा में 91% गिरावट- केंद्र
नई दिल्ली । डेस्क: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि 2025 में सुरक्षा बलों ने 2,167 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण कराया है. 2019 से अब तक कुल 5,571 माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं. मंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी हिंसक घटनाओं की संख्या 2010 के उच्चतम स्तर 1,936 से घटकर 2025 में केवल 218 रह गई है.
"नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतें भी 2010 के 1,005 के उच्च स्तर से 91 प्रतिशत गिरकर 2025 में 93 रह गई हैं. 2019 से 1,106 माओवादी कैडर मारे गए, 7,311 गिरफ्तार हुए और 5,571 ने आत्मसमर्पण किया. इससे साफ है कि सुरक्षा बलों से मुकाबला करने की उनकी क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है. इसलिए उनके पास हथियारों के साथ आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है," राय ने कहा.
लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि 2015 की राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना के दृढ़ कार्यान्वयन से हिंसा में लगातार कमी आई है और भौगोलिक फैलाव सिकुड़ गया है. देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बने वामपंथी उग्रवाद को हाल के समय में काफी हद तक नियंत्रित किया गया है, जो अब केवल कुछ स्थानों तक सीमित रह गया है.
माओवादी प्रभावित जिलों की संख्या अप्रैल 2018 के 126 से घटकर अप्रैल 2024 में 90, जुलाई 2021 में 70, अप्रैल 2025 में 38 और अक्टूबर 2025 में केवल 11 रह गई है. वर्तमान में केवल 3 जिले सबसे अधिक प्रभावित श्रेणी में हैं. हालांकि, हाल ही में वामपंथी उग्रवाद प्रभाव से मुक्त क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) की वापसी रोकने के लिए 27 जिलों को 'लेगेसी एंड थ्रस्ट डिस्ट्रिक्ट्स' के रूप में सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के दायरे में रखा गया है.
2019 से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में कुल 377 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है.