ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए
नई दिल्ली | डेस्क: भारत ने दावा किया है कि पाकिस्तान पर किए गए हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं. भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल राजीव घई ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर रविवार को विस्तार से जानकारी दी.
उनके अलावा एयर फ़ोर्स की तरफ से एयर मार्शल एके भारती और नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित थे.
राजीव घई ने कहा, "सेना ने सटीक निशाना बनाकर नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए. इन हमलों में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए. इनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई वैल्यू वाले आतंकवादी भी शामिल थे."
राजीव घई ने कहा, "ये तीनों आईसी 814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे."
राजीव घई ने कहा कि भारत की कार्रवाई के "तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया. ये दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया थी जो दुर्भाग्यवश बड़ी संख्या में नागरिकों, गांवों और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर दी गई. इसमें कई नागरिकों की जान गई."
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान द्वारा दो रफ़ाल गिराए जाने से जुड़े एक सवाल पर एयर फ़ोर्स की तरफ से एयर मार्शल एके भारती ने जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "हम कॉम्बैट की स्थिति में हैं और नुक़सान इसका एक हिस्सा है. आपको जो सवाल पूछना चाहिए वह यह है कि क्या हमने अपने उद्देश्य हासिल कर लिए हैं? क्या हमने आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के अपने उद्देश्य को हासिल कर लिया है? और इसका जवाब हां है."
एयर मार्शल एके भारती ने कहा, "इसका परिणाम पूरी दुनिया को देखना चाहिए. जहां तक इसकी डीटेल्स की बात है कि क्या हो सकता था, कितनी संख्या, हमने कौन-सा प्लेटफॉर्म खो दिया. इस समय मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा. क्योंकि हम अभी भी कॉम्बैट की स्थिति में हैं और अगर हम किसी भी चीज़ पर टिप्पणी करते हैं तो यह केवल विरोधी के लिए फ़ायदेमंद होगा."
उन्होंने कहा, "इसलिए हम इस समय उसे कोई फ़ायदा नहीं देना चाहते हैं. मैं सिर्फ़ इतना कह सकता हूं कि हमने अपने चुने हुए उद्देश्य हासिल कर लिए हैं और हमारे सभी पायलट वापल घर लौट आए हैं."
इससे पहले भारतीय सेना के प्रवक्ता यानी एडीजी पीआई ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "10-11 मई 2025 की रात हुए सीज़फ़ायर और हवाई क्षेत्र के उल्लंघनों के बाद चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की."
बयान में कहा गया कि चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ ने 10 मई 2025 की डीजीएमओ वार्ता के ज़रिए बनी सहमति के किसी भी उल्लंघन पर जवाबी कार्रवाई के लिए सेना कमांडरों को पूरे अधिकार दिए हैं.
इससे पहले भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शनिवार देर रात एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "जिस समझौते पर हम पहुंचे हैं उसका लगातार उल्लंघन किया जा रहा है."