ट्रंप की शांति पहल पर पाक ने दिया नोबेल का प्रस्ताव
नई दिल्ली । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाषण देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशिया में संभावित बड़े युद्ध को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई. उन्होंने ट्रंप को “शांति का दूत” बताते हुए उनके नाम को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया.
इससे पहले शरीफ़ और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस जाकर राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाक़ात की.
हालांकि इस बैठक की कोई आधिकारिक तस्वीर या विवरण अमेरिकी प्रशासन की ओर से साझा नहीं किया गया. इसके बावजूद, शरीफ़ के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनने पर ट्रंप की मध्यस्थता से संघर्षविराम संभव हुआ.
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधी और केवल इतना कहा कि वह उन सभी घटनाओं पर नज़र रख रहा है जिनका सीधा असर उसके हितों पर पड़ता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने यह भी दोहराया कि भारत-पाकिस्तान मसलों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है.
इस दौरान संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक बहुपक्षीय बैठक में ट्रंप ने लगभग दर्जन भर अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ वेस्ट एशिया में जारी इस्राइल-हमास युद्ध पर भी चर्चा की.
इसी बीच, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक कार्यक्रम में इशारों-इशारों में भारत पर सार्क को रोकने का आरोप लगाया. इस पर जवाब देते हुए भारत ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया कि उसी की वजह से पिछले एक दशक से सार्क की बैठकें ठप पड़ी हैं.