कटक में तनाव बरकरार: कर्फ्यू के बीच इंटरनेट शटडाउन बढ़ा
कटक। डेस्क: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान भड़की हिंसा, समूह संघर्ष और आगजनी के बाद तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनज़र कटक शहर में इंटरनेट सेवाओं का निलंबन अगले 24 घंटों के लिए बढ़ा दिया गया है. अब यह निलंबन मंगलवार शाम 7 बजे तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा, रविवार रात 10 बजे से लगाया गया 36 घंटे का कर्फ्यू भी मंगलवार सुबह 10 बजे तक लागू रहेगा.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंगा भोला ने बताया कि यह कदम "शहर में किसी भी तरह की और गड़बड़ी को रोकने के लिए एहतियाती उपायों का हिस्सा है." उनका कहना है कि अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है और बड़े पैमाने पर शांति बहाल कर दी गई है. हालांकि, संवेदनशील इलाकों में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती जारी है.
घटनाक्रम और गिरफ़्तारियाँ
हिंसा की ताज़ा घटनाओं में कम से कम 25 लोग घायल हुए, जिसके बाद कटक के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों में 36 घंटे के लिए निषेधाज्ञा (कर्फ्यू) लगाई गई थी.
पुलिस आयुक्त एस. देव दत्त सिंह ने सोमवार को बताया कि हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर हमले में कथित संलिप्तता के लिए आठ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है.
खुफिया विफलता पर गंभीर आरोप
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने इस स्थिति के लिए खुफिया विफलता को जिम्मेदार ठहराया है. निवासियों का आरोप है कि बिना आधिकारिक अनुमति के एक संघ परिवार संगठन की रैली को शहर के संवेदनशील हिस्सों से गुज़रने की अनुमति दी गई, जिससे पहले से ही तनावपूर्ण माहौल और बिगड़ गया.
निवासियों ने कहा, "पुलिस स्थिति को भांपने में नाकाम रही और उपद्रवियों को बेरोकटोक छोड़ दिया गया. यदि रैली को समय रहते रोक दिया जाता तो कर्फ्यू से बचा जा सकता था."
कटक से लोकसभा सदस्य भर्तृहरि महताब और विधायक सोफिया फिरदौस ने भी खुफिया तंत्र की विफलता की बात कही. महताब ने कहा कि उन्होंने "आदतन समाज-विरोधी तत्वों" के मंसूबों की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी थी, और हिंसा से पहले ही निवारक गिरफ्तारियां की जानी चाहिए थीं.