USTR में रहस्यमयी बाघिन की एंट्री से हैरान वैज्ञानिक
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक बेहद हैरान करने वाली और वन्यजीव प्रेमियों को उत्साहित करने वाली खबर सामने आई है. इस रिजर्व में एक ऐसी 'रहस्यमयी' बाघिन देखी गई है, जिसका देश के किसी भी सरकारी डेटाबेस या टाइगर आर्काइव में कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है.
इस बाघिन की धारियों (stripe patterns) का मिलान जब 'भारतीय वन्यजीव संस्थान' (WII) के डेटा से किया गया, तो देश के किसी भी बाघ क्षेत्र से इसका कोई मेल नहीं मिला. जबलपुर की नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में इसके मल (scat) के नमूनों की जांच से इसके मादा होने की पुष्टि हुई है.
वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए यह किसी बड़े रहस्य से कम नहीं है क्योंकि आमतौर पर बाघिनें अपना इलाका छोड़कर इतनी दूर नहीं जातीं. माना जा रहा है कि यह चार वर्षीय बाघिन ओडिशा, महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश के जंगलों से बिना किसी कैमरे या मॉनिटरिंग सिस्टम की नजर में आए चुपचाप छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हो गई.
इस बाघिन की मौजूदगी ने उन दावों को भी पलट दिया है, जिसमें माना जा रहा था कि उदंती रिजर्व अब बाघों के रहने लायक नहीं बचा है. जहां सरकार इस रिजर्व को पुनर्जीवित करने के लिए अन्य राज्यों से बाघों को लाकर बसाने की तैयारी कर रही थी, वहीं प्रकृति ने खुद आगे बढ़कर इस खाली पड़े जंगल को अपना नया आशियाना दे दिया है.