RSS प्रमुख भागवत ने खोए हुए घर को वापस पाने की अपील की
भोपाल । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को एक बार फिर 'अखंड भारत' (अविभाजित भारत) की अवधारणा का इशारा दिया. उन्होंने विभाजन के दौरान अपने घर छोड़कर भारत आने वालों से कहा कि एक दिन उन्हें अपना खोया हुआ घर वापस पाना ही होगा.
भागवत मध्य प्रदेश के सतना में बीटीआई ग्राउंड पर सिंधी कैंप में एक गुरुद्वारे का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे.
इस अवसर पर उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि यहां बैठे कई सिंधी भाइयों ने अविभाजित भारत को चुना और पाकिस्तान नहीं गए."
उन्होंने आगे कहा, "पूरी भारत एक है. लेकिन किसी ने हमारा घर हड़प लिया है. कल हमें उसे वापस लेना होगा और वहां अपना आशियाना बसाना होगा." यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का जिक्र कर रही थी.
भागवत ने एकता पर जोर देते हुए कहा, "भाषा या संप्रदाय कोई भी हो, हम सब एक हैं. हम सब हिंदू हैं."
यह बयान आरएसएस की लंबे समय से चली आ रही 'अखंड भारत' की विचारधारा को दर्शाता है, जो विभाजन से पहले के पूरे उपमहाद्वीप को एक राष्ट्र के रूप में देखती है.
सिंधी समुदाय, जो विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर विस्थापित हुआ था, के बीच यह संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक रहा.