शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

'राइट टू डिसकनेक्ट बिल' लोकसभा में: छुट्टी पर ऑफिस फोन अब नहीं

C

CG Khabar

06 दिस. 2025, 02:25 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

सुप्रिया सुले
सुप्रिया सुले

नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को लोकसभा में कर्मचारियों को राहत देने वाला एक अहम बिल पेश किया है. यह बिल कर्मचारियों के "निजी समय" की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है. 'प्राइवेट मेंबर्स बिल' के रूप में पेश किए गए इस प्रस्ताव को 'राइट टू डिसकनेक्ट बिल, 2025' नाम दिया गया है.


अक्सर देखा जाता है कि जब कर्मचारी छुट्टी पर होते हैं या दफ्तर का काम खत्म करके अपने परिवार के साथ समय बिता रहे होते हैं, तो उन्हें अचानक ऑफिस से फोन आ जाता है या ईमेल पर कोई नया काम करने का निर्देश दे दिया जाता है. 


फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' में भी ऐसी ही स्थिति को दिखाया गया था, जहां ऋतिक रोशन के दोस्त फरहान अख्तर उनके दफ्तर के फोन को गुस्से में फेंक देते हैं. अब, इसी तरह की स्थितियों से भारतीय कर्मचारियों को बचाने के लिए यह बिल लाया गया है.


सुप्रिया सुले द्वारा लाए गए इस बिल में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब किसी कर्मचारी के दफ्तर का काम का समय खत्म हो जाए, तो उसे कार्यस्थल से आए फोन को उठाने या ईमेल देखने के लिए बाध्य न किया जाए. बिल यह सुनिश्चित करने का अधिकार मांगता है कि ऑफिस का काम खत्म होने के बाद कर्मचारियों का 'व्यक्तिगत समय' शुरू हो जाता है. 


इसके अलावा, छुट्टी के दिन भी पूरा समय कर्मचारी का 'निजी' होता है. इस दौरान उन्हें दफ्तर का फोन न उठाने या ईमेल न देखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए. सांसद सुले ने बिल के माध्यम से मांग की है कि कर्मचारियों के हित में इस अधिकार को कानून के रूप में सुनिश्चित किया जाए. यह बिल देश में कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस (काम और निजी जीवन के बीच संतुलन) को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP