राम मंदिर: SIT जांच में खुलासा, नोट छिपाते कैमरे में कैद हुए कर्मचारी
अयोध्या । डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में हेराफेरी व गबन के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. SIT की इस रिपोर्ट के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह कृष्णा मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है.
SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से ट्रस्ट को सौंप दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच में करीब 70 ऐसे संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जहां बैंक और ट्रस्ट के कर्मचारी दान में आई नकदी और नोटों के बंडल अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए साफ नजर आ रहे हैं.
जांच टीम ने इसे कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि कई दिनों तक योजनाबद्ध तरीके से की गई व्यवस्थित चोरी बताया है.
रिपोर्ट में इस पूरे घोटाले के पीछे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में भारी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया है. एसआईटी ने पाया कि काउंटिंग रूम (नोटों की गिनती वाले कमरे) में तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था.
कर्मचारियों की न तो आते-जाते समय तलाशी ली जाती थी और न ही उनके निजी सामान पर कोई नियंत्रण था. इसके अलावा अलग-अलग दान पेटियों की राशि को एक साथ मिलाकर गिना जा रहा था, जिससे चढ़ावे का सही मिलान और रिकॉर्ड रखना असंभव हो गया.
इस मामले में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला सहित छह नामजद आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में कबूला है कि उसने चोरी किए गए पैसों में से ₹19 लाख अपने दोस्तों और परिवार पर खर्च कर दिए. इसमें से ₹11 लाख उसने अपने दो भाइयों की शादी व अन्य कामों के लिए दिए, ₹3.5 लाख की एक कार खरीदी और एक दोस्त को महंगा मोबाइल फोन व ढाई लाख रुपये ट्रांसफर किए.
पुलिस ने आरोपी के पास से ₹20.39 लाख नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और कार बरामद की है. इसके अलावा जांच शुरू होने से ठीक पहले कुछ कर्मचारियों से ₹78.94 लाख और 4 जून को काउंटिंग रूम से ₹2.25 लाख बरामद किए गए थे. संदिग्ध कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच में उनकी आय से अधिक जमा और वित्तीय लेनदेन की बात भी सामने आई है.
दूसरी ओर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही चांदी की ईंटें या अन्य बहुमूल्य आभूषण गायब होने की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने मीडिया के सामने मंदिर के सुरक्षित रखे गहने और कीमती सामान प्रदर्शित करते हुए कहा कि ये सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि SIT की यह रिपोर्ट अभी प्रारंभिक है और पूरी जांच होने तक ट्रस्ट इसका बारीकी से अध्ययन करेगा. फिलहाल, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए 15 दिनों के सेवा विस्तार के बाद SIT इस पूरे मामले की विस्तृत वित्तीय और कानूनी जांच में जुटी है.