24 करोड़ पाकिस्तानियों के घर पर हमला? क्या करेगी पाक सरकार
इस्लामाबाद | डेस्क: दो साल पहले पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में मुफ्त आटा वितरण के दौरान हुई भयानक भगदड़ की वीडियो वायरल हुई थीं, जिसने देश की गंभीर आर्थिक स्थिति को उजागर किया था. लेकिन दो साल बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है. लगातार बहुराष्ट्रीय कंपनियां पाकिस्तान छोड़ रही हैं, और अब उपभोक्ता सामान की दिग्गज कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) का नाम भी इसमें शामिल हो गया है.
P&G की घोषणा ने पाकिस्तानी नागरिकों में चिंता की लहर दौड़ा दी है, खासकर उनके लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे Gillette रेजर और Head & Shoulders शैम्पू के लिए. अमेरिकी मूल की इस बहुराष्ट्रीय कंपनी ने इस सप्ताह कहा कि वह पाकिस्तान में अपने सभी उत्पादन और व्यावसायिक कार्यों को बंद कर रही है.
सोशल मीडिया पर लोग चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि अब बाजार में केवल सस्ते और कम गुणवत्ता वाले विकल्प ही उपलब्ध रहेंगे. लाहौर के नदीम खान ने लिखा, “मैं समझ नहीं पा रहा कि P&G क्यों जा रही है. पाकिस्तान में तो अभी भी 24 करोड़ लोग हैं जिन्हें साबुन, डिटर्जेंट और शेविंग क्रीम की जरूरत है. यह पूरी तरह अनुचित लगता है.”
1991 में पाकिस्तान में कदम रखने के बाद P&G जल्दी ही शीर्ष उपभोक्ता सामान कंपनी बन गई. उनके ब्रांड घर-घर में लोकप्रिय हो गए. Head & Shoulders, Pantene, Tide, Oral-B, Gillette, Old Spice, Ariel, Pampers, Always जैसे ब्रांड पाकिस्तान में परिचित नाम बन चुके हैं.
इस्लामाबाद के इंजीनियर जावेद इकबाल ने बताया कि पिछले तीन महीनों से वह बाजार में अपना पसंदीदा Gillette Blue 3 रेजर नहीं ढूंढ पा रहे हैं. एक अन्य यूजर ने कहा कि बाजार में चीनी उत्पादों के प्रभुत्व के कारण Gillette, Pampers और Safeguard जैसे P&G के ब्रांड धीरे-धीरे गायब हो गए हैं.
हीना साफी नामक एक यूजर ने सवाल उठाया, “अब क्या हमें Ariel, Safeguard, Vicks, Pampers, Always, Pantene और Head & Shoulders भी आयात करने पड़ेंगे?”
वहीं कुछ लोग पाकिस्तानियों की इस असहाय स्थिति पर व्यंग्य भी कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “Procter & Gamble के प्रवक्ता: पाकिस्तानी नहाते नहीं हैं, कपड़े भी धोते नहीं हैं, इसलिए कारोबार चलाना संभव नहीं हुआ!”
पाकिस्तान पहले ही पानी के संकट से जूझ रहा है. भारत द्वारा इंडस वाटर्स ट्रीटी निलंबित करने के बाद हालात और जटिल हो गए. तब भी पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर खुद पर व्यंग्य करते रहे. एक यूजर ने तब कहा था, “अब नहाने का पानी भी पाकिस्तान को भारत से मांगना पड़ेगा.”
हालांकि, यह पूरी तरह संकटपूर्ण नहीं है. P&G ने कहा है कि उनके कुछ उत्पाद पाकिस्तान में तीसरे पक्ष के वितरकों के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे. विशेषज्ञों के अनुसार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पाकिस्तान छोड़ना उच्च बिजली लागत, कमजोर बुनियादी ढांचे और लगातार जारी आर्थिक संकट के कारण हो रहा है.
पिछले दो वर्षों में P&G के अलावा Shell, Pfizer, Total Energies, Microsoft और Telenor जैसी बड़ी कंपनियां भी पाकिस्तान छोड़ चुकी हैं.
P&G का प्रस्थान केवल उपभोक्ताओं के लिए अपने पसंदीदा ब्रांड खोने की चिंता नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की गहरी आर्थिक समस्याओं का संकेत भी है. पानी और ईंधन संकट के बीच विदेशी निवेश में कमी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लगातार कमजोर बना रही है. सवाल यही है, अगली बार पाकिस्तान किसे खोने वाला है?