अडानी के खिलाफ अमेरिकी केस खारिज करने की अपील
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के वकीलों ने एक अमेरिकी अदालत से उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया है. यह कदम अमेरिकी न्याय विभाग के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें उसने पिछले महीने इस मामले को आगे न बढ़ाने का ऐलान किया था.
अडानी पर 2024 में एक सौर ऊर्जा परियोजना के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की सहमति जताने और अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-विरोधी नीतियों के बारे में गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे.
ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गराउफिस को सौंपे गए एक पत्र में अडानी के वकील रॉबर्ट गिउफ्रा ने तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और अभियोजक भारत में कथित रिश्वतखोरी की योजना को साबित करने में असमर्थ रहेंगे.
अडानी समूह शुरू से ही इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
हालांकि न्याय विभाग मामले को वापस लेने का संकेत दे चुका है, लेकिन तकनीकी रूप से जज की मंजूरी के बिना आरोपों को औपचारिक रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता.
इसके साथ ही, वकीलों ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा लाए गए नागरिक आरोपों को भी खारिज करने की अपील की है, जिसके तहत हाल ही में गौतम अडानी ने 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडानी ने 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी.
इसके अतिरिक्त, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ईरान प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोपों को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने की अलग से सहमति दी है.