बलौदाबाजार में संदिग्ध मौतों का गहराया रहस्य
बलौदाबाजार । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई कई लोगों की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए प्रशासन ने दफनाए गए शवों को बाहर निकाला है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस साल की शुरुआत में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा बेची गई शराब पीने के बाद इन लोगों की तबियत बिगड़ी और एक-एक कर कई ग्रामीणों की जान चली गई.
ग्रामीणों के अनुसार, मरने वालों में बद्री पटेल, बुथलू साहू, छत्तूराम साहू, बुडलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानंद मांझी, चैतु साहू और माहेत्रु साहू शामिल हैं. आरोप है कि इन सभी की मौत इस साल फरवरी से मई के बीच हुई थी. उस समय इनका न तो कोई पोस्टमार्टम कराया गया और न ही पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई थी.
लेकिन इस बीच गांव में जहरीली शराब और अंधविश्वास से जुड़ी अफवाहें फैलने लगीं. इसके बाद बीते 6 जून को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कसडोल थाने पहुंचकर मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए आवेदन सौंपा.
मामले की गंभीरता और शुरुआती जांच को देखते हुए पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के विशेषज्ञों के साथ शनिवार को खरवे गांव पहुंचकर शवों को कब्र से बाहर निकाला.
कसडोल के एसडीपीओ कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि ग्रामीण एक स्थानीय व्यक्ति के संपर्क में आने और उसके पास से शराब पीने के बाद बीमार हुए थे.
अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स शवों के अवशेषों से जरूरी सैंपल लेकर उनकी जांच करेंगे. मौतों की असली वजह जहरीली शराब है, कोई गंभीर बीमारी या कुछ और, इसका खुलासा पूरी तरह से विसरा और टॉक्सिकोलॉजी (विष विज्ञान) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.