नरोत्तम मिश्रा को उपचुनाव में टिकट न दिए जाने से दतिया में भारी बवाल
दतिया । डेस्क: मध्य प्रदेश के दतिया में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा उपचुनाव में टिकट न दिए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने शुक्रवार और शनिवार को जमकर उत्पात मचाया. टिकट कटने से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने न केवल सरकारी और निजी संपत्तियों में तोड़फोड़ की, बल्कि नेशनल हाईवे-44 को करीब 12 घंटे तक जाम रखा.
भीड़ को हटाने पहुंची पुलिस पर पथराव भी किया गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
दरअसल, दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा मिलने और उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई है. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,500 वोटों से हराया था.
इस उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी पक्की मानी जा रही थी, लेकिन बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने अंतिम समय में सबको चौंकाते हुए नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतार दिया.
इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दतिया में दुकानों और सड़कों पर जमकर हंगामा किया. हिंसा थमने के बाद पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खुद कार्यकर्ताओं से शांति की अपील की और कहा कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि है, सभी को संयम बरतना चाहिए.
इस घटनाक्रम के साथ ही बिहार की बांकीपुर सीट पर भी अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने से पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई हैं.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन दोनों घटनाओं ने अमूमन अनुशासित मानी जाने वाली बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और उसकी 'हाईकमांड संस्कृति' पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मध्य प्रदेश में पिछले दो दशकों से सत्ता में रहने के कारण पार्टी के भीतर गुटीय खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है, जो आने वाले समय में संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.