हिजबुल्लाह के लिए पूरी इमारतें गिराना जरूरी नहीं- ट्रंप ने इजरायल को लताड़ा
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी इजरायल के सैन्य तौर-तरीकों की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है. फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि किसी एक आतंकवादी को ढूंढने के लिए पूरी रिहायशी इमारत को बम से उड़ा देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन इमारतों में रहने वाले सभी लोग हिजबुल्लाह के सदस्य नहीं हैं और इस टकराव में अब तक बहुत से निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है.
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ उनके संभावित शांति समझौते को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है.
ट्रंप हाल ही में बेरुत पर हुए इजरायली हमलों से काफी असहज हैं, क्योंकि इन हमलों की वजह से ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हुई, जिससे अमेरिकी शांति प्रयासों को झटका लगा है.
ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान के मामले में अधिक जिम्मेदार होने की सलाह देते हुए यह भी याद दिलाया कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजरायल का अस्तित्व संभव नहीं था.
हालांकि, इस तीखी टिप्पणी के बाद भी अमेरिकी नीति में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. व्हाइट हाउस ने बाद में ट्रंप के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के संबंध बेहद मजबूत हैं.
गौरतलब है कि इजरायल को गाजा और लेबनान में आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर पहले ही भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इजरायल का दावा है कि हिजबुल्लाह और हमास जैसे संगठन आम नागरिकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं.