भारत ने इंजीनियरिंग शिक्षा में दुनिया को पछाड़ा
नई दिल्ली । डेस्क: भारत ने इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में विश्व में शीर्ष स्थान हासिल किया है. देश में हर साल 10 लाख से अधिक इंजीनियर स्नातक तैयार हो रहे हैं, जो किसी भी अन्य देश से कहीं ज्यादा है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, भारत में हजारों इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जो न केवल संख्या बल्कि गुणवत्ता के मामले में भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं.
भारत के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी मद्रास, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी कानपुर न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी सबसे अधिक मांग वाले इंजीनियर तैयार कर रहे हैं. इन संस्थानों के कैंपस प्लेसमेंट, उच्च स्तर की शोध और उद्योगों के साथ गहरे संबंध इन्हें छात्रों की पहली पसंद बनाते हैं.
चीन, अमेरिका, रूस और ईरान का स्थान
भारत के बाद चीन का स्थान है, जो हर साल अनुमानित 6 से 10 लाख इंजीनियर स्नातक तैयार करता है. चीन के शीर्ष विश्वविद्यालय जैसे झेजियांग विश्वविद्यालय और शंघाई जियाओ तोंग विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर अपनी उत्कृष्टता के लिए जाने जाते हैं.
अमेरिका हर साल लगभग 2.38 लाख इंजीनियर स्नातक तैयार करता है. विश्व आर्थिक मंच के विश्लेषण के अनुसार, संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद अमेरिका शिक्षा की गुणवत्ता में शीर्ष पर बना हुआ है. एमआईटी, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले जैसे संस्थान विश्व में शोध, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रसिद्ध हैं.
रूस हर साल लगभग 4.5 लाख इंजीनियर तैयार करता है, जो यांत्रिक, विद्युत, निर्माण, उत्पादन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित होते हैं. मॉस्को स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी और बाउमन मॉस्को स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं.
ईरान भी इंजीनियरिंग शिक्षा में अग्रणी है, जो हर साल 2.3 लाख से अधिक इंजीनियर स्नातक तैयार करता है. तेहरान का अमीरकबीर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी मध्य पूर्व में इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं.
अन्य देशों का योगदान
इंडोनेशिया, वियतनाम, जापान और दक्षिण कोरिया भी हर साल हजारों से लेकर लाखों इंजीनियर स्नातक तैयार कर रहे हैं. जापान का टोक्यो विश्वविद्यालय और दक्षिण कोरिया का कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी विश्व स्तर की शिक्षा के लिए जाने जाते हैं.
तकनीकी भविष्य का आधार
वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में इंजीनियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. भारत न केवल संख्या के मामले में बल्कि गुणवत्ता के मामले में भी अपनी पहचान बना रहा है. चीन, अमेरिका, रूस और ईरान जैसे देश भी अपनी इंजीनियरिंग शिक्षा के माध्यम से तकनीकी भविष्य को मजबूत कर रहे हैं. आने वाले समय में ये युवा इंजीनियर विश्व अर्थव्यवस्था, उद्योग और नवाचार की मुख्य प्रेरक शक्ति बनेंगे.