नक्सलवाद का खात्मा, केंद्रीय बलों के साथ गृह सचिव की अहम बैठक
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के लक्ष्य को दोहराने के एक दिन बाद, गृह सचिव गोविंद मोहन सोमवार को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में नक्सल उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा.
पूर्व सीमा सुरक्षा बल (BSF) महानिदेशक और सुरक्षा विशेषज्ञ प्रकाश सिंह ने कहा कि जिस तरह केंद्र और राज्य सुरक्षा बल संयुक्त रूप से नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं, उससे मार्च तक नक्सलवाद खत्म होने की संभावना मजबूत है. हालांकि उन्होंने आदिवासी बहुल इलाकों में समावेशी विकास नीतियों की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय लोगों में अलगाव की भावना समाप्त हो सके.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के कुछ हिस्से अब भी नक्सल प्रभावित हैं. इन इलाकों में माओवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है, हालांकि अन्य राज्यों में भी सीमित संख्या में शीर्ष नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं.
रविवार को रायपुर में आयोजित वामपंथी उग्रवाद की समीक्षा बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया. बैठक में छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में 23 माओवादी मारे गए और 101 गिरफ्तार किए गए हैं. वर्ष 2025 में नक्सल हिंसा की घटनाओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और प्रभावित जिलों व पुलिस थानों की संख्या भी लगातार कम हुई है. 2010 की तुलना में 2025 तक नक्सल हिंसा में करीब 88 प्रतिशत और नागरिकों व सुरक्षा बलों की मौतों में 90 प्रतिशत तक कमी आई है.
सरकार ने नक्सल संगठनों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टेरर फंडिंग और फेक करेंसी सेल के जरिए नक्सलियों के फंडिंग नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की गई है. छत्तीसगढ़ में चार विशेष NIA अदालतें भी कार्यरत हैं.
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जो शीर्ष नक्सली नेता अब भी फरार हैं, वे संगठन को दोबारा खड़ा करने की स्थिति में नहीं हैं. सरकार का दावा है कि आने वाले महीनों में नक्सलवाद पर पूरी तरह निर्णायक प्रहार किया जाएगा.