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छत्तीसगढ़ के चावल निर्यातकों ने ICD पर मांगी तत्काल कार्रवाई

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03 सित. 2025, 08:45 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

चावल
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के चावल निर्यातकों ने राज्य के रायपुर में स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) के कम उपयोग को लेकर चिंता जताई है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. निर्यातकों का कहना है कि विशाखापट्टनम बंदरगाह तक सीधे सड़क मार्ग से परिवहन की तुलना में इनलैंड कंटेनर डिपो के जरिए निर्यात करना काफी महंगा पड़ रहा है, जिसके कारण यह सुविधा अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है.


हाल के एक लागत विश्लेषण के अनुसार, इनलैंड कंटेनर डिपो रायपुर के माध्यम से एक कंटेनर निर्यात करने की औसत लागत 83,065 रुपये है, जबकि विशाखापट्टनम तक सड़क मार्ग से उसी कंटेनर को भेजने में केवल 60,300 रुपये खर्च होते हैं. इस 22,765 रुपये के अंतर ने निर्यातकों को सड़क मार्ग का उपयोग करने के लिए मजबूर किया है.

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निर्यातकों ने सुझाव दिया है कि यदि इनलैंड कंटेनर डिपो रायपुर से विशाखापट्टनम बंदरगाह तक डायरेक्ट पोर्ट एंट्री (DPE) की सुविधा शुरू की जाए, तो लागत में कमी आ सकती है. उनका अनुमान है कि छत्तीसगढ़ कंटेनर और जंक्शन साइडिंग (CCJS) पर टर्मिनल हैंडलिंग और आंतरिक बंदरगाह परिवहन शुल्क हटाने से प्रति कंटेनर लगभग 7,445 रुपये की बचत हो सकती है. भले ही डायरेक्ट पोर्ट एंट्री प्रणाली के तहत रेल भाड़ा 3,000 रुपये बढ़ जाए, फिर भी निर्यातकों को प्रति कंटेनर 4,445 रुपये की शुद्ध बचत होगी.


निर्यातकों ने तीन प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया है. 


इनलैंड कंटेनर डिपो रायपुर से विशाखापट्टनम बंदरगाह तक नियमित रेल रेक की कमी, कृषि निर्यात के लिए रियायती या प्रतिस्पर्धी रेल भाड़े का अभाव, और बंदरगाह पर इनलैंड कंटेनर डिपो कार्गो के लिए डायरेक्ट पोर्ट एंट्री सुविधा की अनुपलब्धता. 


उन्होंने नियमित रेल सेवाओं की शुरुआत, कृषि उत्पादों के लिए विशेष रियायती भाड़े, और डायरेक्ट पोर्ट एंट्री सुविधा स्थापित करने के लिए अधिकारियों के बीच समन्वय की मांग की है.


उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो इनलैंड कंटेनर डिपो अपनी क्षमता से नीचे काम करता रहेगा, जिससे क्षेत्र के कृषि क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण निर्यात गेटवे से वंचित होना पड़ेगा. 


बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, बल्कि यह किसानों और व्यापारियों को भी सीधे लाभ पहुंचाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP