निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री
रायपुर । संवाददाता: स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को बधाई दी. उन्होंने अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए राज्य के विकास की भावी रूपरेखा प्रस्तुत की. मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य केंद्र छत्तीसगढ़ का बदलता आर्थिक परिदृश्य रहा, जहाँ उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य अब केवल खनिजों और कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में निवेश और औद्योगिक रोजगार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है.
औद्योगिक क्रांति से युवाओं को रोजगार की नई गारंटी
राज्य को औद्योगिक क्रांति और निवेश का नया गढ़ बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति से कोर सेक्टर के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन दिया जा रहा है. वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 'इन्वेस्टर कनेक्ट' कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं. इन निवेशों से प्रदेश में लगभग 1 लाख 74 हजार नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे.
नवा रायपुर में स्थापित प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई 'स्विफ्ट टेक्सटाइल' से ही 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलना तय हुआ है. इसके अतिरिक्त, मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का विशाल प्लांट स्थापित किया जा रहा है और राज्यभर में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं.
राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा और राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगे. देश का पहला 'एआई एसईजेड' (AI SEZ) भी छत्तीसगढ़ में आकार ले रहा है, जबकि रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को मिलाकर 'स्टेट कैपिटल रीजन' का गठन किया गया है.
एआई मिशन और पारदर्शी भर्ती से संवरती युवा शक्ति
भविष्य की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए राज्य को तैयार करने हेतु सरकार ने 500 करोड़ रुपए के 'छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन' को मंजूरी दी है. इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई-आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी, जिससे 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण मिलेगा. युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का 'स्टार्टअप फंड' भी निर्मित किया गया है.
सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाते हुए 'छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल' का गठन किया गया है तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है. पुलिस विभाग में 7 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है, जबकि शिक्षकों के 3,946 और बिजली कंपनियों के 1,235 पदों पर प्रक्रिया जारी है. चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा भी की गई है.
बस्तर में शांति, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया सूर्योदय
नक्सलवाद पर ऐतिहासिक नियंत्रण के बाद अब बस्तर संभाग में विकास और शांति की नई सुबह हुई है. माओवाद से मुक्त क्षेत्रों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं और जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर का प्रतीक बन चुका है. 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुन्ने अभियान' के तहत 39 लाख से अधिक नागरिकों तक 31 सरकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाया जा रहा है.
बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं और ओरछा व जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में 'एजुकेशन सिटी' बनाई जा रही है. बस्तर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम प्रगति पर है. 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा' से बस्तर और सरगुजा के 814 गांवों को परिवहन का सुलभ साधन मिला है.
अन्नदाता की समृद्धि और सिंचाई सुविधाओं का ऐतिहासिक विस्तार
किसान कल्याण को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी और 'कृषक उन्नति योजना' के तहत एकमुश्त भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिली है. फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी और रागी की खेती पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है.
प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की जल प्रबंधन परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है. ऐतिहासिक 'सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना' हेतु 3,047 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की नई सुविधा उपलब्ध होगी.
सुशासन, लोक-संस्कृति और 'विकसित छत्तीसगढ़' का ध्येय
राज्य में हर जरूरतमंद को पक्का मकान देने के संकल्प के तहत अब तक 24 लाख 50 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जहाँ रोजाना औसतन 1,600 घर बन रहे हैं. 'महतारी वंदन योजना' के माध्यम से महिलाओं के खातों में 19,444 करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं, जिससे 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं.
तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में 7,524 ग्राम पंचायतों में 'अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र' स्थापित किए गए हैं और 'सेवा सेतु पोर्टल' के जरिए 700 सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बेटियों के लिए 'मेरी बेटी-मेरा अभिमान' अभियान और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' शुरू करने की घोषणा की गई.
मुख्यमंत्री साय ने ऋग्वेद के मंत्र "संगच्छध्वं, सं वदध्वं" का आह्वान करते हुए कहा कि सबके साझा प्रयासों से ही हम समृद्ध, सुरक्षित और विकसित छत्तीसगढ़ के जरिए 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करेंगे.