शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

'Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई'- धर्मेंद्र प्रधान

C

CG Khabar

09 अग. 2026, 09:07 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

धर्मेन्द्र प्रधान
धर्मेन्द्र प्रधान

संबलपुर / भुवनेश्वर । डेस्क: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के दो हफ्ते बाद भाजपा नेता और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. संबलपुर के जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET विवाद के दौरान युवा पीढ़ी (Gen Z) को गुमराह करने की साजिश रची गई थी, जिसके बाद उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर पद छोड़ने की पेशकश की थी.  


पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं था


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "Gen Z हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया. उस समय मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ या मुद्दा नहीं था. भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चों का जन्म हुआ है. इन बच्चों की अपनी आकांक्षाएं हैं और यही आगे चलकर भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे. मेरे लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं था." उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए उग्र प्रदर्शनों के बीच 25 जुलाई को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.


नवीन पटनायक और बीजेडी पर साधा निशाना


जीएम यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम के बाद रेड़ाखोल में आयोजित एक अन्य बैठक में धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर तीखा हमला बोला. बीजेडी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए "धर्मेंद्र प्रधान गो बैक" के नारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक किसान का बेटा हूं, अगर आप मुझे वापस जाने को कहेंगे, तो भी मैं वापस आऊंगा." उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए भड़का रहे हैं और उन्हें ओडिशा के लिए "कलंक" बता रहे हैं. 


जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधान ने पूछा, "क्या मैंने कभी ऐसा कोई काम किया है जिससे ओडिशा के लोगों का सिर नीचा हो?" इस पर भीड़ ने जोरदार आवाज में "नहीं" में जवाब दिया. उन्होंने आगे कहा कि वे भले ही राज्य के लिए कोई बड़ी उपलब्धि न ला पाए हों, लेकिन कभी ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे ओडिशा की प्रतिष्ठा धूमिल हो. रोचक बात यह रही कि नवीन पटनायक पर यह हमला प्रधान ने उस मंच से किया, जहां बीजेडी विधायक और ओडिशा विधानसभा में उपनेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे. 


प्रधान ने खुलासा किया कि उन्होंने बीजेडी के विरोध को देखते हुए प्रसन्न आचार्य से परामर्श किया था, जिन्होंने उन्हें कार्यक्रम में आने और स्वागत का भरोसा दिया था.


बीजेडी का पलटवार: "गलत नीतियों से खुद को बदनाम किया"


धर्मेंद्र प्रधान के बयानों पर पलटवार करते हुए बीजेडी के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने कहा कि प्रधान पर उठ रहे सवाल उनकी सरकार की नाकामियों का नतीजा हैं. पुजारी ने कहा, "किसी ने धर्मेंद्र प्रधान को बदनाम नहीं किया, बल्कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, आंसू गैस और अत्याचारों के कारण उनकी अपनी पार्टी और सरकार ने उन्हें बदनाम किया है."  


बीजेडी नेता ने दावा किया कि NEET परीक्षा देने वाले 22 लाख में से करीब 21 लाख छात्र डिप्रेशन में हैं और कई बच्चों की आत्महत्या की घटनाओं से देश आहत है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण ही प्रधान को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. इस बीच, बीजेडी के युवा और छात्र पंखों द्वारा किसी भी अप्रिय प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए संबलपुर पुलिस ने एहतियातन करीब 30 बीजेडी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP