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कोई सीजफायर नहीं, हथियार डालें, एक भी गोली नहीं चलेगी- अमित शाह

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28 सित. 2025, 02:39 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

अमित शाह
अमित शाह

नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों द्वारा हाल ही में दिए गए सीजफायर प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने रविवार को कहा कि अगर माओवादी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है और सुरक्षा बल उनकी ओर एक भी गोली नहीं चलाएंगे. शाह ने यह बयान 'नक्सल मुक्त भारत' सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित करते हुए दिया.


शाह ने कहा, "हाल ही में भ्रम फैलाने के लिए एक पत्र लिखा गया, जिसमें कहा गया कि अब तक जो हुआ वह गलती थी, सीजफायर घोषित किया जाए और हम (माओवादी) आत्मसमर्पण करना चाहते हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि कोई सीजफायर नहीं होगा. अगर आप आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो हथियार डालें, एक भी गोली नहीं चलेगी." 


उन्होंने आगे कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों के लिए एक आकर्षक पुनर्वास नीति के साथ उनका 'रेड कार्पेट' से स्वागत किया जाएगा.


गृह मंत्री ने वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि माओवादी हिंसा का कारण विकास की कमी नहीं, बल्कि 'लाल आतंक' है, जिसने देश के कई हिस्सों में दशकों तक विकास को रोके रखा. 


उन्होंने कहा, "कई लोग मानते हैं कि नक्सलियों द्वारा हत्याएं रोक देना ही नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए काफी है, लेकिन यह सच नहीं है. नक्सलवाद का विकास इसलिए हुआ क्योंकि समाज के कुछ लोगों ने इसकी विचारधारा को पोषित किया."


शाह ने यह भी कहा कि नक्सलवाद की समस्या का मूल कारण समाज के उन लोगों में है, जिन्होंने इसकी विचारधारा को वैचारिक, कानूनी और आर्थिक समर्थन दिया. 

उन्होंने जोर देकर कहा, "जब तक भारतीय समाज यह नहीं समझेगा कि नक्सलवाद की विचारधारा को किसने पोषित किया, तब तक इस लड़ाई को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होगा."


यह बयान छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर हाल ही में चलाए गए 'ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट' जैसे तीव्र अभियानों के बाद आया है, जिसमें कई शीर्ष नक्सली मारे गए. शाह ने दावा किया कि भारत 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP