अमेरिका में शटडाउन ? सरकारी कामकाज बंद होने का खतरा
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राजनीति में शटडाउन पर तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां कांग्रेस के दोनों प्रमुख दलों के बीच फंडिंग पर गतिरोध ने सरकारी मशीनरी को ठप करने की धमकी दे दी है. मंगलवार की आधी रात तक यदि कोई समझौता न हुआ, तो संघीय स्तर पर कई विभागों का संचालन रुक जाएगा, जिससे लाखों सरकारी नौकरशाहों की आय प्रभावित होगी और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों पर ब्रेक लगेगा. यह संकट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के नौवें महीने में उभरा है, जब पहले ही कई एजेंसियों का पुनर्गठन हो चुका है.
सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय चर्चा निष्कर्ष रहित साबित हुई. सीनेट के प्रमुख डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने स्पष्ट किया कि पक्षों के बीच गहरे मतभेद बरकरार हैं, जबकि डेमोक्रेट्स, जो संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में हैं, अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं. सीनेट के नियमों के अनुसार, फंडिंग विधेयक को पारित करने हेतु 60 वोटों की आवश्यकता है, लेकिन रिपब्लिकन्स के पास केवल 53 हैं. परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों के प्रस्ताव क्रमशः 47-53 और 55-45 के अंतर से असफल रहे.
इस असफलता के बाद व्हाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर एक काउंटडाउन टाइमर स्थापित कर दिया गया है, जो इसे "डेमोक्रेट्स द्वारा थोपा गया ठहराव" करार देते हुए जनमत को प्रभावित करने की कोशिश करता प्रतीत होता है. कार्यालय प्रबंधन एवं बजट विभाग के निदेशक रसेल वॉट के हस्ताक्षरित ज्ञापन ने पुष्टि की है कि मध्यरात्रि से गैर-आवश्यक सेवाएं निलंबित हो जाएंगी.
शटडाउन के व्यापक परिणाम
शटडाउन की स्थिति में संघीय संरचना का गैर-जरूरी हिस्सा पूरी तरह से निष्क्रिय पड़ जाएगा. लाखों फेडरल कर्मियों को बिना पारिश्रमिक के गुजारा करना पड़ेगा, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याण योजनाओं के वितरण में अवरोध उत्पन्न होगा. विशेष रूप से, नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थल बंद हो चुके हैं, और श्रम विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी ब्यूरो का कार्यालय भी ठप है. इससे शुक्रवार को जारी होने वाली महत्वपूर्ण रोजगार रिपोर्ट में देरी हो जाएगी, जो हालिया आर्थिक मंदी के बीच निवेशकों और नीति-निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनेगी.
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनिश्चितता बाजार की अस्थिरता को और बढ़ावा देगी.
हालांकि, सेना, हवाई यातायात नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं अप्रभावित रहेंगी, लेकिन कुल मिलाकर यह संकट सरकारी दक्षता पर सवाल खड़ा करेगा. व्हाइट हाउस ने पिछले सप्ताह एजेंसियों को संभावित कटौतियों की पूर्व तैयारी का निर्देश दिया था, जो एलन मस्क के नेतृत्व वाले 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' (DOGE) द्वारा वर्ष की शुरुआत में की गई व्यापक छंटनी के बाद और भी कष्टदायक साबित होगा.
पार्टियों के आरोप-प्रत्यारोप और मांगें
दोनों दल एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने में जुटे हैं. सीनेट के रिपब्लिकन प्रमुख जॉन थून ने डेमोक्रेट्स की शर्तों को "राष्ट्रीय हितों को बंधक बनाने" का प्रयास बताया, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन्हें "जनता को धमकाने" का दोषी ठहराया. दूसरी ओर, डेमोक्रेट्स का कहना है कि रिपब्लिकन्स अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं.
रिपब्लिकन्स ने नवंबर अंत तक अस्थायी फंडिंग विस्तार का सुझाव दिया है, ताकि दीर्घकालिक व्यय पर विस्तृत वार्ता हो सके. किंतु डेमोक्रेट्स स्वास्थ्य क्षेत्र, विशेषकर ओबामाकेयर जैसे निम्न-आय वर्ग के लिए बीमा कार्यक्रमों के लिए सैकड़ों अरब डॉलर की कटौती को बहाल करने पर अड़े हैं. वे ट्रंप प्रशासन की नीति के तहत प्रस्तावित कटौतियों को रोकने तथा पूर्व-अनुमोदित फंड पर पुनर्कटौती (रेसिसन्स) से बचाव की मांग भी कर रहे हैं, जैसा कि ग्रीष्मकाल में घटित हुआ था.
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने पहले ही छोटी अवधि की फंडिंग पर विधेयक पारित कर दिया है, लेकिन स्पीकर माइक जॉनसन ने डेमोक्रेट्स पर अनावश्यक विवाद खींचने का आरोप लगाते हुए सदन को तत्काल बुलाने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि यदि शटडाउन हुआ, तो इसका ठीकरा डेमोक्रेट्स के सिर फोड़ेगा.
ट्रंप की भूमिका और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
शूमर के अनुसार, अंतिम निर्णय ट्रंप पर निर्भर है. यदि वे स्वास्थ्य फंडिंग और कटौतियों पर डेमोक्रेट्स की प्रमुख मांगें स्वीकार करते हैं, तो संकट टल सकता है. लेकिन वर्तमान में इसके संकेत विपरीत हैं.
यह कोई नया संकट नहीं है; कांग्रेस को बजटीय सहमति पर बार-बार ऐसी समयबद्ध चुनौतियों का सामना करना पड़ता रहा है. इस वर्ष मार्च में भी समान खतरा मंडराया था, जब रिपब्लिकन्स ने कटौतियों पर बातचीत से मुंह मोड़ा था. तब 10 डेमोक्रेट सीनेटरों ने अनिच्छा से रिपब्लिकन प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन इससे उनकी पार्टी का मूल समर्थन आधार असंतुष्ट हो गया, जो अब ट्रंप के विरुद्ध कठोर रुख अपनाने की अपेक्षा कर रहा है.
विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि शटडाउन लंबा खिंचा, तो आर्थिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर नुकसान होगा, खासकर 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले. फिलहाल, वाशिंगटन में तनावपूर्ण रात का इंतजार है.
(फोटो- प्रतीकात्मक)