10 हजार करोड़ का RUPP चंदा घोटाला: कांग्रेस ने मांगी JPC जांच
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस ने पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी और पैसे के अवैध लेन-देन का आरोप लगाते हुए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच कराने की मांग की है. पार्टी का दावा है कि 3,260 ऐसे दलों ने राजनीतिक चंदे की आड़ में लगभग 10,000 करोड़ रुपये की आयकर चोरी की है और काले धन को सफेद करने के लिए 'राउंड-ट्रिपिंग' जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया है.
बुधवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि 2025 की एक रिपोर्ट में इस मुद्दे को उठाए जाने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर अधिनियम के तहत राजनीतिक दलों को मिलने वाली कर छूट का दुरुपयोग किया जा रहा है.
गोहिल ने मांग की कि फर्जी दल चलाने वालों, चंदा देने वालों और इसमें शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं, दोषियों पर 200% जुर्माना लगाया जाए और सीए के लाइसेंस रद्द किए जाएं.
वहीं, कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि ये 3,260 दल सत्तारूढ़ भाजपा के "संरक्षण" में काम कर रहे हैं. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज किए जाने और कर नोटिस भेजे जाने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन फर्जी दलों के खिलाफ अब तक कोई जांच क्यों नहीं की गई.
कांग्रेस ने मांग की है कि इन संदिग्ध राजनीतिक दलों को मिले चंदे का विवरण सार्वजनिक किया जाए और उन लोगों की जानकारी भी सामने लाई जाए जो इन दलों से जुड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं.
पार्टी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी संस्था फंडिंग और खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है. कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए JPC के गठन की अपनी मांग दोहराई है.