क्या 'वंदे मातरम' को मिलेगा राष्ट्रगान जैसा कानूनी दर्जा?
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी दर्जा और प्रोटोकॉल देने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है. सूत्रों के अनुसार, हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह चर्चा करना था कि क्या राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रीय गीत के लिए भी विशिष्ट कानूनी नियम, शिष्टाचार और दंड के प्रावधान निर्धारित किए जाने चाहिए.
वर्तमान में, संविधान 'वंदे मातरम' को 'जन गण मन' के समान सम्मान तो देता है, लेकिन इसे गाने या इसके सम्मान से जुड़ी कोई कानूनी बाध्यता या दिशानिर्देश लागू नहीं हैं.
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार एक साल तक चलने वाले समारोह की योजना बना रही है, जिसका समापन नवंबर 2026 में होगा.
इसी पृष्ठभूमि में गृह मंत्रालय की बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि क्या राष्ट्रीय गीत के अपमान पर भी राष्ट्रगान की तरह सजा का प्रावधान होना चाहिए.
गौरतलब है कि राष्ट्रगान के अपमान या उसमें बाधा डालने पर तीन साल तक की कैद हो सकती है, जबकि राष्ट्रीय गीत के लिए फिलहाल ऐसी कोई कानूनी सुरक्षा उपलब्ध नहीं है.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में पहले भी इस तरह के मामले आए हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है.