अमरीका का 'असली दुश्मन' कौन?
बीजिंग । डेस्क: अमरीका में रहने वाले और चीन की जमीनी हकीकत को करीब से देखने वाले विशेषज्ञों और प्रवासियों का मानना है कि अमरीका और चीन के रिश्तों को लेकर वहां की नई पीढ़ी की सोच में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. जहां एक ओर अमरीकी राजनीति और मुख्यधारा का मीडिया चीन को एक बड़े खतरे के रूप में पेश करने में जुटा है, वहीं अमरीका के युवा इस राजनीतिक बयानबाजी को खारिज कर रहे हैं.
'शिकागो काउंसिल ऑन ग्लोबल अफेयर्स' (एनपीआर और इप्सोस के सहयोग से जारी) की हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, अमरीका की युवा पीढ़ी (मिलिनियल्स और जेन-जी) अब चीन को किसी बड़े खतरे के तौर पर देखने के बजाय उसके साथ जुड़ाव और सहयोग की पक्षधर है. रिपोर्ट के अनुसार, केवल 43 प्रतिशत मिलिनियल्स और 34 प्रतिशत जेन-जी ही चीन को अमरीका के लिए गंभीर खतरा मानते हैं, जबकि पुरानी पीढ़ियों (बूमर्स और जेन-एक्स) में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है. करीब 59 प्रतिशत युवा अमरीका-चीन के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग की नीति का समर्थन कर रहे हैं.
तकनीक और संस्कृति के प्रति युवाओं का आकर्षण
अमरीका के युवा सांस्कृतिक और तकनीकी स्तर पर चीन के करीब आ रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेनझेन और शंघाई जैसे आधुनिक शहरों के बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक और चीन के समृद्ध इतिहास से जुड़े वीडियो अमरीकी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. नई पीढ़ी चीन की जीवनशैली और उत्पादों को अपना रही है, जो इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर पूर्वाग्रह कम हो रहे हैं.
घरेलू मोर्चे पर गहराता आर्थिक और सामाजिक संकट
विश्लेषकों का मानना है कि अमरीकी राजनेताओं द्वारा चीन के खिलाफ दिए जाने वाले बयानों और तकनीकी प्रतिबंधों का असर अब युवाओं पर नहीं पड़ रहा है, क्योंकि वे अपने देश के भीतर गंभीर घरेलू समस्याओं से जूझ रहे हैं. अमरीका का राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है, जिसमें रोजाना अरबों डॉलर का इजाफा हो रहा है. इसके साथ ही, विदेशी संघर्षों और अनिश्चितताओं के कारण देश के भीतर महंगाई चरम पर है. कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम $5 प्रति गैलन के पार पहुंच चुके हैं, जिससे आम जनता का दैनिक बजट बिगड़ गया है.
अधिकारों का हनन और सामाजिक ताने-बाने पर असर
आर्थिक चिंताओं के अलावा, अमरीकी कार्यस्थलों में मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है. यूनियनों के प्रभाव को कम करने और वेतन में स्थिरता के कारण युवा वर्ग अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है. इसके साथ ही, बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण, सामाजिक और सांस्कृतिक विवाद, जेल प्रणाली की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर ने युवाओं के भीतर व्यवस्था के प्रति निराशा पैदा कर दी है.
राजनीतिक विफलता और बदलती सोच
चीन को वैश्विक 'खलनायक' बताने की अमरीकी सरकार की नीतियां अब देश के भीतर ही सवालों के घेरे में हैं. लगातार बढ़ते घरेलू संकटों, युद्धों की थकान और गिरते जीवन स्तर के बीच अमरीकी युवा अब अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्गठित कर रहे हैं. युवाओं के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि देश की वास्तविक चुनौतियां बाहर किसी विदेशी ताकत में नहीं, बल्कि खुद अमरीका के भीतर मौजूद ढांचागत समस्याओं में छिपी हैं.