पश्चिम बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम और रेजीनगर में भारी धांधली- कांग्रेस
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान जमकर राजनीतिक ड्रामा और धांधली के गंभीर आरोप सामने आए हैं. वोटों की कथित लूट, मतदाताओं को डराने-धमकाने और पोलिंग एजेंटों को बूथों से बाहर निकालने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस ने दोनों सीटों पर मतदान रद्द कर पूर्ण पुनर्मतदान कराने की मांग की है.
नंदीग्राम में धांधली और मारपीट के आरोप
नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बनाया गया. रात के समय उपद्रवियों ने मोटरसाइकिलों पर घूमकर समर्थकों को डराया और पोलिंग एजेंटों के पहचान पत्र छीन लिए. उन्होंने दावा किया कि राजाराम चौक क्षेत्र में लगभग 100 महिलाओं के वोटर स्लिप छीनकर उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है.
प्रधान ने पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि सीआरपीएफ के जवानों ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन पर लाठियां चलाईं और पुलिस ने अल्पसंख्यक मतदाताओं की दुकानों में हुई लूटपाट के दौरान मूकदर्शक बनी रही.
रेजीनगर में पुलिस थाने के बाहर धरना और विरोध प्रदर्शन
चुनाव में हुई अनियमितताओं के विरोध में रेजीनगर से कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्ला हिल काफी ने स्थानीय पुलिस थाने के बाहर धरना दिया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 100 से अधिक बूथों से उनके एजेंटों को मारपीट कर जबरन बाहर निकाल दिया गया. इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक विरोध मार्च निकालकर चुनावी धांधली का विरोध जताया.
कांग्रेस का चुनाव आयोग पर कड़ा हमला
कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय 'विधान भवन' में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम ब्लॉक II के सभी बूथों और ब्लॉक I के कई पोलिंग स्टेशनों पर सत्तारूढ़ भाजपा ने कब्जा कर लिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से ऐसा माहौल बनाया गया कि विरोधी दलों के एजेंट बूथों के अंदर न टिक सकें.
कांग्रेस प्रत्याशी मिलान प्रधान ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और आयोग को भाजपा के इशारों पर काम करने वाला बताया.
रेजीनगर में नेता हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
रेजीनगर में स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आम जनता विकास पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने उनके कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि कबीर उम्मीदवार या अधिकृत एजेंट न होने के बावजूद मतदाताओं को प्रभावित करने और भड़काने की कोशिश कर रहे थे. कबीर की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा खींचतान का वीडियो सामने आने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने भी अपने एजेंटों को बूथों से बाहर खदेड़े जाने का दावा किया है.
भाजपा का आरोपों से इनकार, जीत का जताया भरोसा
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल केवल उकसावे वाले बयान देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दोनों सीटों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रक्रिया पूरी हुई है और भाजपा दोनों सीटों पर भारी अंतर से जीत हासिल करेगी. उन्होंने हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी का बचाव करते हुए कहा कि कानून और चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है.
78 प्रतिशत से अधिक मतदान, 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
तमाम विवादों, धरने और धांधली के आरोपों के बीच दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की भारी उपस्थिति दर्ज की गई. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, शाम 5 बजे तक नंदीग्राम में 79.39 प्रतिशत और रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. दोनों विधानसभा उपचुनावों के नतीजे 9 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे.