वाड्रफनगर: आधी रात घुसा हाथी, रिहायशी इलाकों में मचाया तांडव
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शुक्रवार की देर रात एक विशालकाय जंगली हाथी घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में दाखिल हो गया. शहरी क्षेत्र में गजराज की मौजूदगी की खबर फैलते ही स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया और लोग सुरक्षा की खातिर अपने-अपने घरों के भीतर कैद हो गए.
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वन्यजीव देर रात तक शहर की मुख्य सब्जी मंडी और उसके आसपास के मोहल्लों में लगातार विचरण करता रहा. इस दौरान उसने कई घरों की बाड़ियों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया.
मुख्य रूप से वार्ड निवासी रामजनक कुशवाहा के घर के अहाते की दीवार को हाथी ने ढहा दिया और वहां लगी मक्के की पूरी फसल को पैरों तले रौंद डाला. पीड़ित परिवार ने इस तबाही के बाद स्थानीय प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है.
इधर, शहर में हाथी के घुसने की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंच गया. अधिकारियों और वनकर्मियों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए देर रात तक इलाके में मोर्चा संभाले रखा. टीम ने हाथी की हर हरकत पर कड़ी नजर रखी और काफी मशक्कत के बाद उसे आबादी वाले क्षेत्र से सुरक्षित खदेड़कर वापस जंगलों की ओर भेजने में सफलता पाई.
वन विभाग ने स्थानीय जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति हाथी के करीब जाने या उसे किसी भी तरह से उकसाने का प्रयास न करे. साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है.
विभाग का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाते, तब तक लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें.
फिलहाल वन अमला क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहा है. गौरतलब है कि वाड्रफनगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की सक्रियता काफी बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ अब शहरी क्षेत्र के लोग भी दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं.