बंगाल चुनाव परिणाम के बाद कई जिलों में हिंसा, तीन की मौत
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में भड़की चुनावी हिंसा में कम से कम तीन राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और कई अन्य घायल हो गए. राज्य में भाजपा की शानदार जीत के बाद शुरू हुए इस संघर्ष में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है.
हावड़ा के उदयनारायणपुर में भाजपा सक्रिय सदस्य जादब बार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं उत्तर 24 परगना के न्यू टाउन में मधु मंडल नामक कार्यकर्ता की जान चली गई. बीरभूम के नानूर में एक तृणमूल समर्थक अबीर शेख की भी हत्या की खबर है. हिंसा की खबरें भांगड़ से भी आईं, जहां आईएसएफ और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई.
इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी सदस्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने पुलिस और मुख्य सचिव से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व भाजपा के झंडे का दुरुपयोग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, पश्चिम वर्द्धमान और बांकुरा जैसे जिलों से तृणमूल कार्यालयों पर कब्जे और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं.
दुर्गापुर नगर निगम में भाजपा विधायकों ने तृणमूल का झंडा हटाकर अपना झंडा फहराया और प्रशासकों के इस्तीफे की मांग की.
तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय बल मूकदर्शक बने हुए हैं, जबकि उनके कार्यकर्ताओं को 'चोर-चोर' के नारों के साथ प्रताड़ित किया जा रहा है. हालांकि, भातर और सूरी जैसे क्षेत्रों में नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने सड़कों पर उतरकर शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की मिसाल भी पेश की है.