उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा
नई दिल्ली । डेस्क: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुये राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी.
धनखड़ ने 2022 में उपराष्ट्रपति का पद संभाला था और सोमवार को भी उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन किया था. उनके इस अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.
जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में बताया कि चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने यह कदम उठाया है. 74 वर्षीय धनखड़ ने इस साल मार्च में सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती हुए थे, जहां उनकी गहन चिकित्सा इकाई (सीसीयू) में देखभाल की गई थी.
अपने पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का आभार व्यक्त किया. धनखड़ ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री का पूरा सहयोग मिला और उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति व विकास को करीब से देखा. उन्होंने इस यात्रा में भागीदार होने को अपना सौभाग्य बताया.
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने 2022 में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 346 मतों से हराकर उपराष्ट्रपति का पद हासिल किया था. इससे पहले, वे 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे, जहां उनका शासक दल तृणमूल कांग्रेस के साथ कई बार टकराव हुआ.
धनखड़ ने अपने करियर की शुरुआत वकालत से की थी. 1978-79 में राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत की. 1989 में उन्होंने जनता दल के टिकट पर झुंझुनू लोकसभा सीट से चुनाव जीता और 1990 में केंद्रीय राज्य मंत्री बने. 2003 में वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुये.
धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने कई सवाल खड़े किये हैं. सोमवार को सामान्य रूप से राज्यसभा की कार्यवाही संचालित करने के बाद रात में उनके इस्तीफे की खबर ने सबको चौंका दिया.
अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह उपराष्ट्रपति के लिये किसे चुना जाएगा. राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं.