वेदांता बॉयलर ब्लास्ट: NHRC ने मुख्य सचिव और DGP से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ट्यूब विस्फोट मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है.
NHRC ने प्रशासन से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसमें प्रभावित श्रमिकों के मुआवजे के वितरण की स्थिति और घायलों के स्वास्थ्य का विवरण शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.
ताजा जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि कई अन्य घायल विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं.
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आपराधिक लापरवाही के संकेत मिलने के बाद वेदांता पावर प्लांट के प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. राहत कार्यों के तहत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, जबकि वेदांता पावर लिमिटेड ने मृतक परिवारों के लिए 35 लाख रुपये के मुआवजे और रोजगार सहायता का ऐलान किया है.