अमेरिका ईरान के वैज्ञानिक विकास को रोकना चाहता है: तेहरान
तेहरान । डेस्क: तेहरान में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जारी सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी बलों ने ईरान के असैन्य बुनियादी ढांचे और शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं को जानबूझकर निशाना बनाया है.
बकाई के अनुसार, यह केवल नक्शे पर कुछ जगहों पर हमला नहीं है, बल्कि यह ईरानी जनता की सुरक्षा, उनके जीवन और लोक कल्याण पर सीधा प्रहार है.
ईरान ने विशेष रूप से खुज़ेस्तान प्रांत में निर्माणाधीन दारखोवेन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए अमेरिकी हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की इस मामले पर चुप्पी की आलोचना की और मांग की कि एजेंसी के महानिदेशक को इस अमेरिकी कदम की खुलकर निंदा करनी चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि दारखोवेन परियोजना का उद्देश्य केवल असैन्य बिजली उत्पादन है. अमेरिका का यह हमला साबित करता है कि उसका विवाद सिर्फ ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान के वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास को बाधित करना चाहता है.
तनाव के इस दौर में ईरान ने पुष्टि की है कि उसे क्षेत्रीय मध्यस्थों की ओर से वाशिंगटन के साथ तनाव कम करने के प्रस्ताव मिले हैं. हालांकि, बकाई ने इन प्रस्तावों के विस्तृत ब्योरे का खुलासा करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति और सैन्य कार्रवाई दोनों के माध्यम से अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना जारी रखेगा. बकाई के अनुसार बातचीत और रक्षा दोनों ही लक्ष्य प्राप्ति के साधन हैं, और परिस्थिति के अनुसार ईरान इन दोनों का संतुलन बनाकर जवाब देगा.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के संप्रभु अधिकारों का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि देश इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि यदि खार्ग द्वीप को लेकर कोई धमकी दी गई तो अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
बकाई ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत ईरान के दायित्व पूरी तरह स्पष्ट हैं और अमेरिका ने ही अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है.
प्रेस वार्ता में बकाई ने अमेरिका के उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें क्यूबा में ईरानी सैन्य गतिविधियों का आरोप लगाया गया था. इसके साथ ही उन्होंने माहान एयर की सना (यमन) उड़ान से जुड़ी उड़ाई गई अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि विमान केवल एक प्रतिनिधिमंडल और इलाज करा चुके यमनी नागरिकों को वापस ले जा रहा था.
उन्होंने मीनाब स्कूल पर हुए दर्दनाक हमले को एआई-जनरेटेड बताने वाले अमेरिकी दावों को भी नकारा. अंत में, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के दिवंगत नेताओं की शहादत का न्याय पाने को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया और साथ ही विदेश मंत्री अब्बास अराघची की आगामी किर्गिस्तान यात्रा और इराकी प्रधानमंत्री के तेहरान दौरे को क्षेत्रीय सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया.