गाज़ा से फ़िलिस्तीनियों को हटाने की इज़रायली मांग US ने की खारिज
नई दिल्ली । डेस्क: इजरायल के शीर्ष मंत्रियों द्वारा गाज़ा से फ़िलिस्तीनी आबादी को पूरी तरह से हटाने और उन्हें अन्य देशों में बसाने की बढ़ती मांगों के बीच, अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि वाशिंगटन गाज़ा से फ़िलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन, निष्कासन या अनिवार्य स्थानांतरण का समर्थन नहीं करता है.
विदेश विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 20-सूत्रीय योजना के तहत किसी भी फ़िलिस्तीनी को गाज़ा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, और जो लोग स्वेच्छा से जाना चाहते हैं, उन्हें वापस लौटने की भी पूरी स्वतंत्रता होगी.
यह तीखी प्रतिक्रिया इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटामार बेन-ग्विर के उन बयानों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने गाज़ा संकट का एकमात्र समाधान वहां की आबादी को पूरी तरह से हटाना बताया था.
काट्ज़ ने दावा किया था कि गाज़ा खाली कराने का विचार खारिज नहीं हुआ है और सरकार जल, थल या वायु किसी भी मार्ग से फ़िलिस्तीनियों को वहां से निकालने के लिए तैयार है.
वहीं बेन-ग्विर ने शांति समझौतों को भ्रम बताते हुए फ़िलिस्तीनियों को अपने बैग पैक कर वहां से जाने की सलाह दी थी. मानवाधिकार संगठनों और अरब देशों ने इज़रायली नेताओं के इन बयानों को 'जातीय सफाये' (एथनिक क्लींजिंग) की कोशिश करार देते हुए इसकी सख्त निंदा की है.
हालांकि, व्हाइट हाउस और अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि उनका मुख्य ध्यान गाज़ा के विसैन्यीकरण, स्थिरता और पुनर्निर्माण पर है.
भले ही अमेरिका ने इज़राइल को सैन्य सहायता देना जारी रखा है, लेकिन गाज़ा की जनसांख्यिकी को बदलने या लोगों को विस्थापित करने के इज़रायली प्रस्तावों पर दोनों देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि इज़रायली नेतृत्व का यह अड़ियल रुख क्षेत्र में शांति वार्ता को और अधिक जटिल बना रहा है, जिससे चल रहे युद्धविराम प्रयासों और राजनीतिक समाधान की राह में बड़ी बाधाएं पैदा हो रही हैं.