ईरान में शादी समारोह पर US हवाई हमला, 4 की मौत, 60 घायल
तेहरान । डेस्क: दक्षिण-पूर्वी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में एक बार फिर तबाही का मंजर देखने को मिला है. स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के पास स्थित कुहेस्तक शहर में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए देर रात के हवाई हमलों में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया. इस दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय मासूम समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमला उस वक्त हुआ जब शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, जो अचानक मातम में बदल गईं.
शादी के मंडप पर गिरी मिसाइलें, इलाके में दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में कुहेस्तक के तटीय इलाके में स्थित एक दूरसंचार टावर और उससे सटे आवासीय भवनों को निशाना बनाया गया. तीन मिसाइलों के एक साथ गिरने से पूरा इलाका दहल उठा. एक मिसाइल सीधे उस घर की छत को चीरती हुई अंदर जा गिरी जहां शादी समारोह चल रहा था. धमाका इतना जबरदस्त था कि जमीन में पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया और आसपास के घरों की बिजली गुल हो गई. हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे घायलों में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे और महिलाएं शामिल हैं.
अमेरिका का इनकार, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने नागरिक हताहतों की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सेना नागरिकों को निशाना नहीं बनाती. हालांकि, मौके से मिले हथियारों के मलबे और रक्षा विशेषज्ञों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि हमले में बोइंग द्वारा निर्मित अत्याधुनिक एजीएम-84के स्लैम-ईआर क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है. घटना की भयावहता को देखते हुए ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने साक्ष्यों को एकत्र कर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के अभियोजक कार्यालय से इस "गंभीर अपराध" के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
नागरिक ठिकानों पर लगातार हमलों से गहराया संकट
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अमेरिका द्वारा ईरानी जनता पर किए जा रहे अत्याचारों की श्रृंखला की एक और कड़ी बताया है. युद्ध की शुरुआत से ही मीनाब में स्कूली बच्चों पर हुए हमले और लामेरड में स्पोर्ट्स हॉल पर हुई मिसाइल बारी जैसी घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बीते छह महीनों से जारी इस संघर्ष में अब तक 3,500 से अधिक ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि बुनियादी ढांचे और रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है.