दिल्ली पुलिस की बिना वर्दी CPM दफ्तर में घुसपैठ पर मचा बवाल
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर माकपा (CPM) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. माकपा का आरोप है कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने साल 2021 के एक पुराने विरोध प्रदर्शन मामले में एसएफआई की संयुक्त सचिव आइशी घोष को गिरफ्तार करने के इरादे से नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय 'एकेजी भवन' में जबरन घुसने की कोशिश की.
माकपा के नेताओं ने इसे राजनीतिक दल के दफ्तर में "अवैध घुसपैठ" और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकार का "तानाशाही कदम" करार दिया है.
पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास पुलिसकर्मियों से सवाल-जवाब करते और उन्हें चुनौती देते हुए नजर आ रहे हैं.
माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी ने बताया कि पुलिसकर्मी निजी वाहनों में आए थे और उनमें से कई लोग बिना वर्दी के थे. जॉन ब्रिटास और अन्य नेताओं के कड़े हस्तक्षेप के बाद पुलिसकर्मियों को बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा.
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले हफ्ते ही आइशी घोष ने जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा एआई (AI) आधारित कैमरों, वीडियोग्राफी और वॉच टावर के जरिए 24 घंटे की जा रही निगरानी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. आइशी घोष ने पुलिस पर छात्रों को डराने और उनके परिजनों को तस्वीरें भेजने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया है.
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि जांच अधिकारी केवल अदालत द्वारा जारी एक पुराने गैर-जमानती वारंट की तामील के सिलसिले में वहां गए थे और इस कार्रवाई का किसी हालिया घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है.