रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की जमानत को SC में चुनौती देगी CBI

C

CG Khabar

25 दिस. 2025, 06:40 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

कुलदीप सेंगर
कुलदीप सेंगर

नई दिल्ली । डेस्क: 2017 के चर्चित उन्नाव बलात्कार मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करने और उसे जमानत देने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कड़ा रुख अपनाया है. अधिकारियों ने बताया कि CBI इस फैसले को तुरंत सुप्रीम कोर्ट (SLP) में चुनौती देगी.


CBI प्रवक्ता के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पीड़िता की सुरक्षा और खतरे की आशंका को देखते हुए सजा के निलंबन का विरोध किया जाएगा. हालांकि, सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेगा क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहा है.

विज्ञापन


गौरतलब है कि मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने यह देखते हुए सेंगर की सजा निलंबित कर दी थी कि वह 7 साल 5 महीने जेल में बिता चुका है. इस फैसले के बाद पीड़िता और उसकी माँ ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया.


इस घटना पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "शर्मनाक" बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया, "रेपिस्टों को जमानत और पीड़ितों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार यह कैसा न्याय है?"


बुधवार को पीड़िता ने अपनी माँ के साथ 10, जनपथ जाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने उसे न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद और सुप्रीम कोर्ट के लिए एक शीर्ष वकील दिलाने का आश्वासन दिया.


हाई कोर्ट ने सेंगर को ₹15 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी है, साथ ही यह शर्त लगाई है कि वह पीड़िता के दिल्ली स्थित आवास के 5 किमी के दायरे में नहीं आएगा और न ही उसे कोई धमकी देगा.


उन्नाव रेप केस


उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने आवास पर जून 2017 को उसके साथ बलात्कार किया. उस समय पीड़िता की उम्र 17 वर्ष थी. यह मामला करीब एक साल तक दबा रहा. अप्रैल 2018 में पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, क्योंकि पुलिस उसकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी. इसके तुरंत बाद पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे देश में जनाक्रोश फैल गया.


इलाहाबाद हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला CBI को सौंपा गया. 13 अप्रैल 2018 को कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया. भाजपा ने बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया.


जुलाई 2019 में पीड़िता, उसके वकील और परिवार के सदस्य रायबरेली में एक संदिग्ध ट्रक दुर्घटना का शिकार हो गए. हादसे में पीड़िता की दो चाचियों की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए. सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया.


दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को अपहरण और बलात्कार का दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद (जब तक मृत्यु न हो) की सजा सुनाई. साथ ही 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. मार्च 2020 में सेंगर को पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP