उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश के मामले में आरोपी कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया. न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के आदेश में बदलाव नहीं कर सकती.
सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि दोनों आरोपी या तो संरक्षित गवाहों से पूछताछ पूरी होने के बाद या फिर आदेश की तारीख से एक वर्ष बीत जाने के बाद ही जमानत की मांग कर सकते हैं.
यह तीसरा अवसर है जब दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिद और इमाम की जमानत याचिकाओं को खारिज किया है. निचली अदालत द्वारा 4 जुलाई को तीसरी बार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद दोनों ने इस साल की शुरुआत में हाईकोर्ट का रुख किया था.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की जा रही जांच में दोनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है. पुलिस का आरोप है कि ये दोनों दंगों की 'बड़ी साजिश' के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थे.
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे.
इस मामले में खालिद सेफी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित कई अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है. शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 को और उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था, और दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें दंगों का मुख्य सूत्रधार बताया था.