किसी को नहीं मालूम मैं क्या करने वाला हूं- ट्रंप
नई दिल्ली । डेस्क: इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है.
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को कहा कि उनका देश कभी "समर्पण" नहीं करेगा. यह बयान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने ईरान से "बिना शर्त समर्पण" की मांग की थी. खामेनेई ने अमरीका को चेतावनी दी कि अगर वह इजरायल के हमलों में शामिल हुआ तो उसे "अपूरणीय क्षति" का सामना करना पड़ेगा.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका "धैर्य अब खत्म हो चुका है," लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के साथ बातचीत के लिये अभी देर नहीं हुई है. जब उनसे पूछा गया कि क्या अमरीका इजरायल के साथ ईरान पर हमले में शामिल होगा, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया, "मैं ऐसा कर सकता हूं, या नहीं भी कर सकता. कोई नहीं जानता कि मैं क्या करने वाला हूं."
ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि अमरीका को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई के ठिकाने का पता है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अभी उन्हें "मारा नहीं चाहते."
इजरायल-ईरान के बीच मिसाइल हमले
इजरायली युद्धक विमानों ने मंगलवार रात से बुधवार तक ईरान की राजधानी तेहरान पर बमबारी की. जवाब में, ईरान ने इजरायल पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया. ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उनकी फतह-1 हाइपरसोनिक मिसाइलों ने इजरायल के वाणिज्यिक केंद्र तेल अवीव में "आश्रय स्थलों को बार-बार हिलाकर रख दिया." ईरान ने तेल अवीव के निवासियों को हमले के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है. हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष से हताहतों की कोई रिपोर्ट नहीं आई है.
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका इस संघर्ष में हस्तक्षेप करता है, तो यह "पूर्ण युद्ध" को जन्म दे सकता है. दूसरी ओर, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान से "बिना शर्त समर्पण" की मांग दोहराई, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.
क्या है इस युद्ध का भविष्य?
इजरायल और ईरान के बीच यह ताजा संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमरीका इस संघर्ष में सीधे शामिल होता है, तो स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है. फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ट्रंप का अगला कदम क्या होगा और क्या यह संघर्ष बातचीत के जरिये शांत होगा या युद्ध की आग में और भड़केगा.