ट्रंप का दावा: एक पूर्व राष्ट्रपति ने ईरान हमले पर कहा 'काश मैंने यह किया होता'
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक ऐसा दावा किया जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, लेकिन इस दावे की सत्यता पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. ट्रंप ने दो अलग-अलग मौकों पर कहा कि उनकी एक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति से निजी बातचीत हुई है, जिसमें उस पूर्व राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान ईरान के खिलाफ वह सख्त कदम न उठाने का पछतावा है, जो अब ट्रंप उठा रहे हैं.
ट्रंप ने कहा कि उस पूर्व राष्ट्रपति ने उनसे कहा, "काश मैंने यह किया होता." हालांकि, ट्रंप के इस दावे के तुरंत बाद अमेरिका के चारों जीवित पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्लू. बुश, बराक ओबामा और जो बाइडेन के प्रतिनिधियों ने इस बात का खंडन किया है. प्रतिनिधियों का कहना है कि हाल के दिनों में इनमें से किसी भी पूर्व राष्ट्रपति की डोनाल्ड ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई है.
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने उस पूर्व राष्ट्रपति का नाम बताने से साफ इनकार कर दिया. जब संवाददाताओं ने उनसे नाम पूछा, तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि वह उस व्यक्ति को "शर्मिंदा" नहीं करना चाहते. ट्रंप ने आगे कहा कि उस व्यक्ति का अब कोई राजनीतिक करियर नहीं बचा है, फिर भी वह उन्हें मुश्किल में नहीं डालना चाहते.
ट्रंप ने यह दावा केनेडी सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक के दौरान और बाद में ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया.
उन्होंने ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों में किसी भी राष्ट्रपति में वह साहस नहीं था जो वे दिखा रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर यह कदम बहुत पहले उठा लिए जाते, तो आज स्थिति काफी आसान होती.
जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वह व्यक्ति जॉर्ज डब्लू. बुश या बिल क्लिंटन थे, तो ट्रंप ने सीधे तौर पर इनकार तो नहीं किया लेकिन यह जरूर कहा कि वह एक "समझदार व्यक्ति" हैं और मुझे पसंद करते हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप का पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और बराक ओबामा के साथ बेहद तल्ख रिश्ता रहा है, जबकि हाल ही में उन्होंने बिल क्लिंटन के प्रति कुछ सहानुभूति दिखाई थी.
हालांकि, व्हाइट हाउस ने अब तक इस विरोधाभास पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है कि जब चारों पूर्व राष्ट्रपतियों के कार्यालयों ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है, तो ट्रंप किससे बात करने का दावा कर रहे हैं.
आखिरी बार ये सभी नेता 20 जनवरी 2025 को ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में एक साथ देखे गए थे. वर्तमान में ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच ट्रंप का यह बयान उनके "अकेले योद्धा" वाली छवि को मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन तथ्यों के अभाव में यह एक नया विवाद बन गया है.