ट्रंप ने टाला शांतिदूतों का पाक दौरा, कहा- समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं
नई दिल्ली । डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता अधर में लटक गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने विशेष प्रतिनिधियों, स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर को इस्लामाबाद भेजने से मना कर दिया है. ट्रंप के इस रुख के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध और गहरा गया है.
फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 18 घंटे की लंबी हवाई यात्रा कर इस्लामाबाद जाकर समय बर्बाद करने का कोई तुक नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास वर्तमान में सभी शक्तियां हैं और यदि ईरान वास्तव में चर्चा करना चाहता है, तो वे सीधे फोन कर सकते हैं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर भी इस फैसले की पुष्टि करते हुए लिखा कि यात्रा में बहुत समय नष्ट होता है और उनके पास करने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण काम हैं. उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ईरान के भीतर आंतरिक कलह है और वे खुद नहीं जानते कि शासन कौन चला रहा है.
राष्ट्रपति का मानना है कि इस समय ईरान के साथ औपचारिक मेज पर बैठने का कोई अर्थ नहीं है. गौरतलब है कि इससे पहले इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की वार्ता, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया था, 21 घंटे की लंबी चर्चा के बाद भी बेनतीजा रही थी.
दूसरे दौर की बैठक से उम्मीदें इसलिए जगी थीं क्योंकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके थे. हालांकि, ट्रंप के इस ताजा फैसले ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. वर्तमान में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य गतिविधियां और बयानबाजी जारी है.
ट्रंप ने पहले ही ईरान के साथ संघर्षविराम की अवधि 1 मई तक बढ़ा दी है, लेकिन वार्ता रद्द होने से भविष्य में युद्ध की आशंकाएं और कूटनीतिक अनिश्चितता फिर से बढ़ गई हैं. अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं.