ट्रंप का बिल स्वच्छ ऊर्जा व जलवायु परिवर्तन विरोधी
नई दिल्ली । डेस्क: डोनाल्ड ट्रंप के "वन बिग, ब्यूटीफुल बिल" को स्वत्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन विरोधी माना जा रहा है.अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विशाल कर और खर्च योजना, जिसे "वन बिग, ब्यूटीफुल बिल" के नाम से जाना जाता है, गुरुवार को सदन में 218-214 के बेहद करीबी और पक्षपातपूर्ण मतदान के बाद पारित हो गई.
यह बिल, जिसे मंगलवार को सीनेट में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा टाई-ब्रेकर वोट के बाद मंजूरी मिली, यह स्वच्छ ऊर्जा प्रोत्साहनों को समाप्त करता है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों और घरेलू ऊर्जा दक्षता उन्नयन के लिये कर छूट शामिल है.
हालांकि सीनेट ने अंतिम क्षण में पवन और सौर ऊर्जा पर एक प्रस्तावित उत्पाद शुल्क को हटा दिया, जिसे विशेषज्ञों ने उद्योग के लिए "घातक" बताया था, फिर भी अंतिम बिल नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक बड़ा झटका है. इस बिल के तहत, पवन, सौर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिये प्रमुख कर प्रोत्साहन 2027 तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो जायेंगे, और इनका दावा करने वालों के लिये सख्त शर्तें लागू की जायेंगी.
अमरीकन क्लीन पावर एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी जेसन ग्रुमेट ने कहा, "यह पूरी तरह से अप्रत्याशित था." न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से उन्होंने कहा, "यह कर इतनी लापरवाही से लिखा और जल्दबाजी में तैयार किया गया है कि चिंता यह है कि यह अनिश्चितता पैदा करेगा और बाजारों को ठप कर देगा."
ग्रुमेट उन कई उद्योग विश्लेषकों में शामिल हैं, जो चेतावनी दे रहे हैं कि यह बिल अमरीका की स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, निवेश विश्वास को कमजोर कर सकता है, नवाचार को रोक सकता है और इस क्षेत्र में दीर्घकालिक रोजगार वृद्धि को खतरे में डाल सकता है.
उदाहरण के लिए, अमरीकन क्लीन पावर एसोसिएशन ने इस कानून को "अमरीकी ऊर्जा नीति के लिए एक कदम पीछे" बताया, और चेतावनी दी कि यह रोजगार खत्म कर सकता है और बिजली की लागत बढ़ा सकता है.
एनर्जी इनोवेशन और वेल्सली कॉलेज के पर्यावरण अध्ययन विभाग के शोधकर्ताओं के अनुमानों के अनुसार, न्यूज़वीक ने बताया कि यह बिल 4,500 स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को खतरे में डालता है, लाखों रोजगारों को जोखिम में डाल सकता है और पांच साल के भीतर अमरीकियों के वार्षिक ऊर्जा बिलों में अरबों डॉलर की वृद्धि कर सकता है.
इस बीच, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी नुकसान होने की संभावना है. बिल के पारित होने से पहले, नये इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये 7,500 अमरीकी डॉलर का संघीय कर क्रेडिट और पुराने ईवी के लिये 4,000 डॉलर तक का क्रेडिट उपलब्ध था. ये प्रोत्साहन मूल रूप से वाहनों को अधिक किफायती बनाने के लिए डिज़ाइन किये गये थे.
यह बिल वैश्विक हरित परिवर्तन प्रयासों के विपरीत है, जो न केवल अमरीका के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी झटका देता है. जहां घरेलू स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है, वहीं यह बिल विदेशों में भी चिंतायें बढ़ा रहा है, खासकर अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा सहयोग और जलवायु प्रतिबद्धताओं को कमजोर करने की इसकी संभावना को लेकर.
क्लाइमेट पॉलिसी थिंक टैंक एनर्जी इनोवेशन के मॉडलिंग और विश्लेषण के वरिष्ठ निदेशक रॉबी ऑर्विस ने कहा, "उत्सर्जन में काफी वृद्धि होगी." साइंटिफिक अमरीकन के हवाले से उन्होंने गुरुवार को कहा कि कम स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग होगा, जिसे बिजली क्षेत्र में गैस और कोयले के मिश्रण से बदला जायेगा. यह उल्लेखनीय है कि संयुक्त राज्य अमरीका विश्व का दूसरा सबसे बड़ा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक और जलवायु परिवर्तन में ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ा योगदानकर्ता है.
बिल के व्यापक प्रभावों ने पर्यावरण समर्थकों से भी तीखी आलोचना को जन्म दिया है.
एनवायर्नमेंटल डिफेंस फंड की उपाध्यक्ष (राजनीतिक और सरकारी मामले) जोआना स्लेनी ने कहा, "यह स्पष्ट है कि यह अत्यंत अलोकप्रिय बिल अधिक जीवाश्म ईंधन जलाने को प्राथमिकता देता है, जबकि यह लोगों के जीवन को होने वाले नुकसान को नजरअंदाज करता है."
चूंकि सदन अब इस बिल को ट्रंप के डेस्क पर भेज रहा है, पर्यावरण समूह अगले चरण की लड़ाई पर ध्यान दे रहे हैं.
लीग ऑफ कंजर्वेशन वोटर्स के विधायी निदेशक डेविड शैडबर्न ने इनसाइड क्लाइमेट न्यूज़ को बताया, "हमें पता है कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और स्वस्थ पर्यावरण की लड़ाई में हम रुक नहीं सकते. इसलिए हम यह लड़ाई जारी रखेंगे, और हमें पता है कि जनता हमारे साथ है."