ट्रंप का दावा: वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में उतरेंगी अमेरिकी कंपनियां
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के साथ ही अब अमेरिकी तेल कंपनियों के लिए देश के विशाल कच्चे तेल भंडार खोल दिए जाएंगे. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की बड़ी ऊर्जा कंपनियां वेनेजुएला में अरबों डॉलर का निवेश कर उसकी जर्जर तेल अवसंरचना को दुरुस्त करेंगी और उत्पादन फिर से शुरू करेंगी.
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, “दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, अरबों डॉलर खर्च करेंगी, टूटी हुई तेल अवसंरचना को ठीक करेंगी और देश के लिए कमाई शुरू करेंगी.” उन्होंने कहा कि इसके बाद अमेरिका वेनेजुएला का तेल “बड़ी मात्रा में” दूसरे देशों को बेचेगा.
हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेंगे. उन्होंने कहा, “वेनेजुएला के तेल पर लगा प्रतिबंध पूरी तरह लागू रहेगा.” इसके बावजूद उन्होंने जोर दिया कि अमेरिकी कंपनियां तेल अवसंरचना के पुनर्निर्माण का खर्च खुद उठाएंगी.
एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि तेल की आपूर्ति निर्बाध रहेगी. उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके “बेहद अच्छे संबंध” हैं और बीजिंग को लेकर कोई समस्या नहीं होगी. ट्रंप ने कहा, “उन्हें तेल मिलेगा. हम लोगों को तेल लेने देंगे.”
गौरतलब है कि वेनेजुएला 2019 से अमेरिकी तेल प्रतिबंधों के तहत है. वर्तमान में देश करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का उत्पादन करता है, जिसका बड़ा हिस्सा भारी छूट पर काले बाजार में बेचा जाता है. ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को वर्षों से “पूरी तरह बर्बाद” बताते हुए कहा कि इसके बावजूद देश के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चा तेल भंडार है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रस्तावित अमेरिकी “भागीदारी” वेनेजुएलावासियों को “समृद्ध, स्वतंत्र और सुरक्षित” बनाएगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका में रह रहे वेनेजुएलावासी इस कदम से “बेहद खुश” होंगे और उन्हें अब और कष्ट नहीं झेलना पड़ेगा.
ट्रंप के ये बयान उस घोषणा के कुछ घंटे बाद आए, जिसमें वॉशिंगटन ने कहा कि उसने एक रात के सैन्य अभियान में राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. ट्रंप के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को एक सैन्य अड्डे से हिरासत में लेकर अमेरिकी युद्धपोत के जरिए देश से बाहर ले जाया गया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर आपराधिक मुकदमे चलेंगे.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का संचालन करेगा, जब तक कि वहां सत्ता का “सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण संक्रमण” नहीं हो जाता. इससे पहले, कई हफ्तों तक चले सैन्य दबाव अभियान के तहत अमेरिकी बलों ने कम से कम दो तेल टैंकर जब्त किए थे, जिन पर प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप था.
राष्ट्रपति ने वेनेजुएला के अन्य राजनीतिक और सैन्य नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, “मादुरो के साथ जो हुआ, वही उनके साथ भी हो सकता है.” उन्होंने एक बार फिर कराकास पर तेल राजस्व का इस्तेमाल “नार्को-आतंकवाद, मानव तस्करी, हत्या और अपहरण” के लिए करने का आरोप लगाया, जिसे वेनेजुएला सरकार लगातार खारिज करती रही है.
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इस सैन्य अभियान को रियल टाइम में देखा और इसे “बेहद सफल” बताया. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना आगे की कार्रवाई के लिए भी तैयार है.
फिलहाल अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन सीमित छूट के तहत वेनेजुएला में काम कर रही है, लेकिन ट्रंप के ताजा बयान संकेत देते हैं कि राजनीतिक नियंत्रण में बदलाव के बाद वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका कहीं ज्यादा गहरी हो सकती है. हालांकि, अमेरिकी कंपनियां किस कानूनी ढांचे के तहत और कब वेनेजुएला में प्रवेश करेंगी, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.