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ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे से NATO टूट जायेगा- प्रधानमंत्री डेनमार्क

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07 जन. 2026, 01:38 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

मेटे फ्रेडरिकसेन
मेटे फ्रेडरिकसेन

वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की बार-बार दोहराई जा रही मांगों के खिलाफ यूरोपीय नेताओं ने एकजुट होकर जवाब दिया है. वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हमले और उसके नेता निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी के अपहरण की घटना के वैश्विक प्रभावों के बीच सात यूरोपीय देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर ग्रीनलैंड को 'उसके लोगों का अभिन्न अंग' बताया है.


फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर सहित सात नेताओं ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, "खनिज संपदा से भरपूर आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड उसके लोगों का है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अलावा कोई और इस पर फैसला नहीं ले सकता." यह बयान ट्रंप की रविवार को की गई टिप्पणी के ठीक बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह "20 दिनों में ग्रीनलैंड पर बात करेंगे" और इसे अमेरिकी नियंत्रण में लाने की जरूरत पर जोर दिया.

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डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य बल प्रयोग करता है, तो यह नाटो सैन्य गठबंधन के अंत का कारण बनेगा. 


डेनिश ब्रॉडकास्टर टीवी2 को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "यदि संयुक्त राज्य अमेरिका किसी अन्य नाटो सदस्य देश पर सैन्य हमला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा. यानी हमारा नाटो और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से मिली सुरक्षा भी खत्म हो जाएगी." ग्रीनलैंड डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र होने के कारण नाटो का हिस्सा है, जिससे यह मुद्दा गठबंधन के लिए संवेदनशील हो गया है.


ट्रंप ने ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि "रूसी और चीनी जहाजों से यह घिरा हुआ है" और डेनमार्क इसे संभालने में असमर्थ है. 


उन्होंने खनिज संपदा और यूरोप-उत्तर अमेरिका के बीच रणनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए अमेरिकी बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए इसके महत्व पर जोर दिया. 


ट्रंप ने सैन्य बल के इस्तेमाल को खारिज नहीं किया है. पिछले महीने लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया, जो खुले तौर पर इसके विलय का समर्थन करते हैं.


ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने शनिवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ग्रीनलैंड का नक्शा अमेरिकी ध्वज के रंगों में पोस्ट किया, जिसके ऊपर सिर्फ एक शब्द था: "SOON". 


ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नेलसन ने इसे "अपमानजनक" बताते हुए कहा, "राष्ट्रों और लोगों के बीच संबंध आपसी सम्मान और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर टिके होते हैं, न कि प्रतीकात्मक इशारों पर जो हमारी स्थिति और अधिकारों की अनदेखी करें."


हालांकि, उन्होंने घबराहट को खारिज करते हुए कहा, "हमारा देश बिक्री के लिए नहीं है, और हमारा भविष्य सोशल मीडिया पोस्ट से तय नहीं होता."

नेलसन ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में निवासियों को आश्वस्त किया कि "रातोंरात कब्जे का कोई खतरा नहीं है" और अमेरिका के साथ अच्छे सहयोग की इच्छा जताई. उन्होंने जोर दिया, "स्थिति ऐसी नहीं है कि अमेरिका बस ग्रीनलैंड पर कब्जा कर ले."


यूरोपीय नेताओं ने डेनमार्क का खुला समर्थन किया है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड तुस्क ने मंगलवार को कहा, "डेनमार्क को ग्रीनलैंड मुद्दे पर पूरे यूरोप की एकजुटता का भरोसा है. नाटो का कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर हमला या धमकी नहीं दे सकता. वरना गठबंधन का कोई अर्थ नहीं बचेगा."


वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है, जो ग्रीनलैंड विवाद को और जटिल बना रहा है. अमेरिका चीन पर निर्भरता कम करने के लिए ग्रीनलैंड के दुर्लभ खनिजों की ओर आकर्षित है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा नाटो की एकता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए बड़ा परीक्षण साबित हो सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP