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रात में नींद न आने की परेशानी? अपनाएं ये 3 आसान आदतें

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24 नव. 2025, 12:31 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

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नई दिल्ली । डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं को रात में नींद न आने की शिकायत आम हो गई है. थकान के बावजूद आंखें बंद न होना, सुबह उठने में कठिनाई ये सब अनिद्रा के संकेत हैं. अमेरिकी डॉक्टर वासिली एलियोपोलोस, जो सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य टिप्स शेयर करते हैं, कहते हैं कि सोने से पहले सिर्फ तीन आदतें बदलने से समस्या दूर हो सकती है.


पहली आदत: कमरे का वातावरण आरामदायक बनाएं. ज्यादा गर्मी या ठंड नींद बिगाड़ सकती है. एसी वाले कमरे में तापमान 18-24 डिग्री सेल्सियस रखें. हल्की ठंडक में पतली चादर ओढ़कर सोना सबसे अच्छा.


दूसरी: नीली लाइट की जगह लाल लाइट जलाएं. नीली रोशनी शरीर को दिन समझाती है, जिससे मेलाटोनिन हार्मोन प्रभावित होता है. सोने से 30 मिनट पहले कमरे में हल्की लाल या नारंगी लाइट ऑन करें, ताकि शरीर को रात का संकेत मिले.


तीसरी: नाक से सांस लें. मुंह से हांफने की आदत छोड़ें. इससे गला सूखता है और हृदय गति बढ़ जाती है. सर्दी न हो तो हमेशा नाक से सांस लेने-छोड़ने का अभ्यास करें.


डॉक्टरों के मुताबिक, वयस्कों को रोज 6-8 घंटे की नींद जरूरी है. नींद शरीर की मरम्मत करती है, हार्मोन संतुलित रखती है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखती है. लेकिन मोबाइल फोन इसका सबसे बड़ा दुश्मन है-सोने से 30 मिनट पहले इसे दूर रखें. रात का खाना हल्का और आसानी से पचने वाला हो.


याद रखें, नींद चार चक्रों (REM और Non-REM) में बंटी होती है, जो धीरे-धीरे गहरी होती जाती है. अगर समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें. इन छोटे बदलावों से आपकी रातें शांतिपूर्ण हो सकती हैं.  


नींद के चक्र: 


नींद मानव शरीर और मस्तिष्क की एक आवश्यक प्रक्रिया है, जो न केवल थकान दूर करती है बल्कि शारीरिक मरम्मत, हार्मोन संतुलन और स्मृति मजबूती में भी भूमिका निभाती है. नींद को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है: नॉन-रैपिड आई मूवमेंट (NREM) और रैपिड आई मूवमेंट (REM). ये चक्र रात भर दोहराए जाते हैं, और एक पूर्ण चक्र लगभग 90-110 मिनट का होता है. एक वयस्क व्यक्ति की रात में सामान्यतः 4-6 ऐसे चक्र पूरे होते हैं. कुल नींद का 75-80% हिस्सा NREM को और 20-25% REM को मिलता है.


नींद के चक्र धीरे-धीरे गहरे होते जाते हैं. शुरुआत में NREM के हल्के चरणों से गुजरते हुए गहरी नींद आती है, फिर REM चरण में प्रवेश होता है. रात के अंतिम चरणों में REM की अवधि लंबी हो जाती है. (symbolic photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP