टीएमसी की सरकार घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है- अमित शाह
कोलकाता । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर सोमवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे. यह पूरा दौरा कोलकाता केंद्रित रहा, जिसमें किसी भी तरह की सार्वजनिक जनसभा शामिल नहीं थी. विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भाजपा संगठन की स्थिति का जायजा लेने आए शाह ने मंगलवार को अपने दौरे के दूसरे दिन एक लंबी पत्रकार वार्ता के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता को संदेश दिया.
करीब 45 मिनट चली इस पत्रकार वार्ता में अमित शाह के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और शांतनु ठाकुर मौजूद थे. पत्रकार वार्ता के पहले हिस्से में शाह ने सीधे तौर पर राज्य की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, जबकि बाद में प्रश्नोत्तर सत्र हुआ.
अमित शाह ने अपने संबोधन में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीमा से हो रही अवैध घुसपैठ केवल राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. शाह ने दावा किया कि राज्य सरकार जानबूझकर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सात पत्र लिखे और केंद्रीय गृह सचिव भी तीन बार राज्य आए, इसके बावजूद जमीन नहीं दी गई.
भ्रष्टाचार, कुशासन और आतंक के मुद्दे पर भी शाह ने ममता सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि बंगाल में उद्योग पूरी तरह तबाह हो चुका है और यहां कमाने का अधिकार केवल “भाईपो” (भतीजे) तक सीमित रह गया है. शाह ने आरोप लगाया कि वाम शासन ने उद्योग को आधा नुकसान पहुंचाया था, जबकि मौजूदा सरकार ने उसे पूरी तरह खत्म कर दिया.
महिला सुरक्षा को लेकर भी अमित शाह ने कड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही है, जो बेहद शर्मनाक है. उन्होंने आरजी कर अस्पताल, संदेशखाली और दुर्गापुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि राज्य में महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं.
केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी वोट बैंक खोने के डर से पीएम-किसान और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को बंगाल में लागू नहीं होने दे रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से डर लगता है.
मतुआ समुदाय को आश्वासन देते हुए अमित शाह ने कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है. जो शरणार्थी बंगाल आए हैं, वे भारत के नागरिक हैं और भाजपा का यह वादा है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता.
राजनीतिक संदेश देते हुए शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने कांग्रेस, वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस को मौका दिया, अब समय आ गया है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत दिया जाए.
उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा दो-तिहाई बहुमत के साथ पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी और “बंग गौरव” व बंगाली संस्कृति के पुनर्जागरण का काम करेगी.