ईरान में उथल-पुथल के बीच तीन और लोगों को फांसी
तेहरान । डेस्क: ईरान के न्यायिक विभाग ने गुरुवार को जानकारी दी कि देश में जारी भारी अशांति और तनाव के बीच तीन लोगों को मौत की सजा दे दी गई है. आधिकारिक समाचार वेबसाइट 'मीजान ऑनलाइन' के अनुसार, इन व्यक्तियों को जनवरी के दौरान हुई हिंसा, पुलिस अधिकारियों की हत्या और अमेरिका व इजरायल के पक्ष में परिचालन गतिविधियां चलाने का दोषी पाया गया था.
प्रशासन का दावा है कि ये लोग दो कानून प्रवर्तन कर्मियों की हत्या में शामिल थे.
यह घटनाक्रम ईरान पर शुरू हुए युद्ध के 20वें दिन सामने आया है. ईरान में पिछले साल दिसंबर के अंत से ही सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. जहां अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा बलों पर हिंसक कार्रवाई का आरोप लगाया है, वहीं ईरान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है.
आंकड़ों में भी भारी अंतर देखा जा रहा है. आधिकारिक तौर पर 3,117 मौतों की बात कही गई है, जबकि मानवाधिकार संस्था 'हराना' (HRANA) और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूतों का अनुमान है कि यह संख्या 20,000 के पार हो सकती है.
हाल ही में ईरान ने एक स्वीडिश नागरिक को भी इजरायली जासूस होने के आरोप में फांसी दी थी.
वर्तमान स्थिति यह है कि सरकार ने देश भर में "देशद्रोहियों" के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है.
खुफिया मंत्रालय के मुताबिक, हाल ही में 26 प्रांतों में 111 "राजशाही समर्थक सेल्स" को निष्क्रिय किया गया है. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही ईरान अपने शासन के खिलाफ उठने वाली आवाजों को विदेशी शक्तियों, विशेषकर अमेरिका और इजरायल की साजिश करार देता रहा है.