पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ में 3 की मौत
भुवनेश्वर। डेस्क: रविवार तड़के ओडिशा के पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ में 3 लोगों की मौत हो गई है. इस भगदड़ में 50 लोग घायल हुये हैं. जिनमें से 6 हालत गंभीर बताई जा रही है. मरने वालों में दो महिलायें प्रभाती दास और बसंती साहू तथा एक 70 वर्षीय प्रेमकांत मोहंती शामिल हैं. घटना सुबह के 4 बजे से लेकर 5 बजे के बीच की है. ये लोग खुरदा से आये हुये थे.
भगदड़ उस समय हुई जब लोग भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को छूने का प्रयास कर रहे थे. वहां श्री गुंडिचा मंदिर के सामने तीनों रथों को रखा गया था. इससे पहले शनिवार को रथ यात्रा के समय 600 लोग भीड़ के कारण बीमार पड़ गये थे.
पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर कहा जाता है.
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भगदड़ होने के बाद चीख-पुकार मच गई. दर्शन के समय भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया. एक-एक कर लोग जमीन पर गिरते चले गये.
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि पुरी में हुई इस दुखद भगदड़ में अपनी जान गंवाने वाले तीनों श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं.
उन्होंने कहा है कि इस हृदय विदारक घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना महाप्रभु जगन्नाथ से करता हूं.
नवीन पटनायक ने बताया है कि 'प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस भयानक त्रासदी के शुरू में श्रद्धालुओं के परिजनों ने ही राहत कार्य शुरू किया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिये कोई सरकारी मशीनरी मौजूद नहीं थी. ये लापरवाही दिखाता है.'
पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है. हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिये पुरी पहुंचते हैं. रथयात्रा के दौरान भगवान को श्रीमंदिर से बाहर लाकर श्रीगुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है. जहां वे कुछ दिन विश्राम करते हैं. इसी यात्रा के बीच यह हादसा हुआ है.