मूर्ति पूजा न करने वाले गरबा आयोजनों से दूर रहें: मंत्री राजेश अग्रवाल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गरबा और डांडिया महोत्सवों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नवरात्रि के दौरान होने वाला गरबा मां दुर्गा की भक्ति और मूर्ति पूजा से जुड़ा एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है. ऐसे में जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते और हिंदू धर्म को नहीं मानते, उन्हें इन आयोजनों से स्वतः ही दूरी बना लेनी चाहिए.
इसके साथ ही मंत्री ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के उस सुझाव का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समाज के युवाओं को गरबा पंडालों में न जाने की सलाह दी थी. राजेश अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी को यह सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने की इच्छा है, तो उसे अपनी माता, बहन और पूरे परिवार के साथ सार्वजनिक तौर पर जाना चाहिए, न कि छिपकर.
मंत्री ने कार्यक्रमों के दौरान नाम बदलकर या पहचान छुपाकर प्रवेश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि कुछ युवक अपनी पहचान छुपाकर माहौल बिगाड़ने और उपद्रव करने के इरादे से गरबा स्थलों पर पहुंचते हैं.
हालांकि हर समुदाय में केवल गिने-चुने लोग ही माहौल खराब करते हैं, लेकिन उनकी हरकतों से पूरे समाज की छवि धूमिल होती है.
सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि पहचान छुपाकर घुसने वाले और उपद्रव फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को तुरंत चिन्हित किया जाए तथा उनके खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.