ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ केरल में प्रदर्शन
तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ में दो मलयाली ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे केंद्र सरकार को केरल में इस मुद्दे पर जनता के आक्रोश से अवगत करायें.
यह बात उन्होंने राज भवन तक निकाले गये एक विरोध मार्च के दौरान कही, जिसमें भारतीय जनता पार्टी सरकार की असंवैधानिक कार्रवाइयों और ननों की गिरफ्तारी का विरोध किया गया.
सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ननों के खिलाफ झूठे आरोप लगाये और प्राथमिकी में गैर-मौजूद धाराओं को जोड़कर उनकी जमानत की संभावना को खत्म कर दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा का दमनकारी शासन कानून के शासन को चुनौती दे रहा है और ननों की गिरफ्तारी पूरी तरह असंवैधानिक है.
उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा इस कार्रवाई का समर्थन किये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. जोसेफ ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ननों को धमकाया और अपमानित किया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री को बिना देरी किये इस विरोध को प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार तक पहुंचाना चाहिये. उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक कार्यों में लगी ननों को अन्यायपूर्ण तरीके से जेल में डाला.
सतीशन ने कहा कि संघ परिवार धार्मिक स्वतंत्रता को चुनौती दे रहा है और असहिष्णुता उनकी पहचान बन गई है. उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता बनाये रखने के लिये लोगों में विभाजन पैदा करती है.
छत्तीसगढ़ की घटनाएं इस बात का उदाहरण हैं कि कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने पर धार्मिक अल्पसंख्यकों और आम लोगों का क्या हश्र होता है. उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश बन गया है, जहां ईसाइयों को धार्मिक और प्रार्थना की स्वतंत्रता से वंचित किया जा रहा है, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंच रहा है.
सतीशन ने बताया कि भाजपा शासन में ईसाइयों के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं.